
Interstate Theft Gang : गोड्डा पुलिस ने जिले में लगातार हो रही सोलर मोटर पंप चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए एक अंतरराज्यीय चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर चोरी गए सरकारी सोलर मोटर पंप, घटना में प्रयुक्त वाहन और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस कार्रवाई को गोड्डा पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार बलबड्डा थाना क्षेत्र के परसा गांव स्थित बड़का बांध पोखर में समुदाय आधारित क्लाइमेट स्मार्ट अवसंरचना योजना के तहत सिंचाई के लिए लगाए गए दो सोलर चालित मोटर पंप 27 और 28 मई 2026 की रात चोरी हो गए थे। घटना के बाद संबंधित विभाग की शिकायत पर बलबड्डा थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मानवीय सूचना और अन्य जांच बिंदुओं के आधार पर बिहार के भागलपुर जिले में छापेमारी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान भागलपुर जिले के ईशीपुर बाराहाट थाना क्षेत्र से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनीष मंडल (19), छोटू कुमार मंडल उर्फ राजकुमार मंडल (19), शहनवाज मंसूर (19) और नितीश कुमार (18) के रूप में हुई है। सभी आरोपी भागलपुर जिले के निवासी हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए दोनों सरकारी तीन फेज मोटर पंप, घटना में इस्तेमाल किया गया टेम्पू (बीआर-09पीए-5192) तथा तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई अन्य चोरी की घटनाओं में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
महागामा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वरुण रजक ने बताया कि आरोपियों ने महागामा थाना क्षेत्र के नूनाजोर में प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत लगाए गए सिंचाई मोटर पंप की चोरी में शामिल होने की बात कबूली है। इसके अलावा मेहरमा थाना क्षेत्र के हटिया चौक स्थित एक दुकान में चोरी की घटना में भी इनकी भूमिका सामने आई है।
पुलिस के अनुसार गिरोह का एक अन्य सदस्य अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। वहीं जिले और आसपास के क्षेत्रों में हुई अन्य चोरी की घटनाओं से भी गिरोह के संबंधों की जांच जारी है।
इस कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक रूबी एंड्रीना मिंज, बलबड्डा थाना प्रभारी पंकज कुमार सिंह, महागामा थाना प्रभारी मनोज कुमार पाल, मेहरमा थाना प्रभारी सौरभ कुमार ठाकुर सहित एसआईटी टीम के कई अधिकारियों और जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस का मानना है कि इस सफलता से सरकारी संपत्तियों को निशाना बनाने वाले संगठित अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगेगा।

