- पूरे पंचायत से लेकर प्रखंड तक हो रही मुखिया और ग्रामीणों की तारीफ, बोले लोग- ऐसी सोच से ही बदलेगा गांव
Water Crisis : अक्सी पंचायत की मुखिया रोजलिया खलखो ने एक ऐसी मिसाल पेश की है जिसकी चर्चा पूरे प्रखंड में हो रही है। गोयरा गांव में सालों से चल रहे जल संकट को देखते हुए मुखिया ने अपने निजी खर्च से और ग्रामीणों के श्रमदान से कुएं का निर्माण करवा दिया।

क्या थी समस्या
गोयरा गांव में गर्मी शुरू होते ही चापाकल और अन्य जल स्रोत सूख जाते थे। महिलाओं को 2-3 किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता था।
मुखिया ने खुद उठाया बीड़ा
गांव की तकलीफ देख मुखिया रोजलिया खलखो ने सरकारी मदद का इंतजार नहीं किया। उन्होंने अपनी निजी बचत से कुआं निर्माण के लिए मुखिया ने सामग्री का इंतजाम किया। मुखिया की पहल देख गांव के युवाओं और बुजुर्गों ने भी श्रमदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
जल संकट से मिलेगी निजात
इस नए कुएं से गोयरा के करीब 20-30 घरों को सीधा फायदा मिलेगा। अब महिलाओं को दूर से पानी नहीं लाना पड़ेगा। गर्मी में भी गांव में पानी की किल्लत नहीं होगी।
पंचायत से प्रखंड तक हो रही वाहवाही
खबर फैलते ही पूरे अक्सी पंचायत से लेकर महुआडांड़ प्रखंड तक मुखिया रोजलिया खलखो और गोयरा के ग्रामीणों की तारीफ हो रही है। लोग कह रहे हैं, “सरकारी फंड का इंतजार किए बिना मुखिया ने जो किया, वो हर जनप्रतिनिधि के लिए सबक है। श्रमदान से बड़ी कोई ताकत नहीं।”
मुखिया ने कहा
मुखिया रोजलिया खलखो ने बताया, “पद का मतलब सिर्फ कुर्सी नहीं, जिम्मेदारी है। मेरी जनता प्यास से तड़पे, ये मैं नहीं देख सकती। गांव वालों ने श्रमदान करके साबित कर दिया कि एकता में कितनी शक्ति है। यह कुआं पूरे गांव का है।”


