रांची: बड़गाई अंचल से जुड़ी 8.86 एकड़ जमीन मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अब हाई कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने PMLA कोर्ट में अपने खिलाफ चल रही आरोप गठन की कार्यवाही को चुनौती दी है। हाई कोर्ट में याचिका लिस्टेड होने के बाद इस पर सुनवाई होगी। इधर, PMLA की विशेष अदालत में भी हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन को लेकर 30 सितंबर को फैसला आ सकता है। ऐसे में अब सबकी नजर हाई कोर्ट की सुनवाई पर भी टिकी है।

क्या है पूरा मामला?
मामला रांची के बड़गाई अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है। इस मामले में ईडी ने हेमंत सोरेन के खिलाफ अदालत में कई साक्ष्य पेश किए हैं। आरोप गठन को लेकर बचाव पक्ष और ईडी की ओर से अदालत में लंबी बहस हुई। 25 सितंबर को इस मामले में सुनवाई के दौरान हेमंत सोरेन की ओर से अदालत से समय मांगा गया था। उन्हें बताया गया कि उनके खिलाफ अदालत में पेश किए गए 22 पन्नों के दस्तावेजों का अध्ययन किया जाना है। अदालत ने इसके लिए पांच दिन का समय दिया और अगली तारीख 30 सितंबर तय की। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि ईडी की ओर से पेश किए गए तथ्य और बचाव पक्ष की दलीलें सुनी जा चुकी हैं। इसके बाद अब आरोप गठन पर फैसला किया जाना है।
अब मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि, अब हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाए जाने के बाद इस केस की कानूनी प्रक्रिया और लंबी हो सकती है। फिलहाल, 30 सितंबर को PMLA कोर्ट में होने वाली कार्यवाही और हाई कोर्ट में दायर याचिका पर होने वाली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


