Latest Newsविदेशइमरान खान सरकार देश चलाने में असमर्थ : पाक सुप्रीम कोर्ट

इमरान खान सरकार देश चलाने में असमर्थ : पाक सुप्रीम कोर्ट

Published on

spot_img
spot_img
spot_img

इस्लामाबाद/नई दिल्ली: पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान सरकार से नाराजगी जताते हुए कहा कि वह देश चलाने या फैसले लेने में अक्षम है।

एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय निकायों के मामले की सुनवाई करते हुए, न्यायमूर्ति सरदार तारिक के साथ ही न्यायमूर्ति काजी फैज ईसा की अध्यक्षता वाली दो-न्यायाधीशों की पीठ ने पंजाब सरकार द्वारा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन पर अध्यादेश जारी करने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए इस मामले को प्रधान न्यायाधीश के पास भेज दिया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि सुनवाई के दौरान, शीर्ष अदालत को सूचित किया गया कि जनगणना के संबंध में काउंसिल ऑफ कॉमन इंटरेस्ट्स (सीसीआई) द्वारा निर्णय नहीं लिया गया।

न्यायाधीश ईसा ने अपना गुस्सा व्यक्त करते हुए कहा, कॉमन इंटरेस्ट काउंसिल की बैठक दो महीने में क्यों नहीं हुई।

उन्होंने सरकार से सवाल पूछते हुए कहा, क्या जनगणना के परिणाम जारी करना सरकार की प्राथमिकता नहीं है।

न्यायाधीश ने कहा कि सरकार और उसके सहयोगियों ने तीन प्रांतों में शासन किया और अभी तक सीसीआई द्वारा एक भी निर्णय नहीं लिया गया है।

उन्होंने कहा, सरकार देश चलाने या निर्णय लेने में असमर्थ है।

उन्होंने कोर्ट के आदेश के बावजूद सीसीआई की बैठक को स्थगित करने को लेकर अपनी नाराजगी जताई और इसे संवैधानिक संस्था का अपमान करार दिया।

अदालत ने कहा कि ऐसी कोई युद्ध की स्थिति नहीं थी, जिससे सीसीआई को अपनी बैठक करने से रोक सकती थी। न्यायमूर्ति ईसा ने कहा कि 2017 में जनगणना किए जाने के चार साल बीत चुके हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, अतिरिक्त अटॉर्नी जनरल आमिर रहमान ने अदालत को सूचित किया कि सीसीआई की बैठक 24 मार्च को होगी। उन्होंने दलील दी कि चूंकि यह एक संवेदनशील मामला है, इसलिए सरकार सर्वसम्मति से निर्णय लेना चाहती है।

इस पर, न्यायमूर्ति ईसा ने पूछा कि सीसीआई की रिपोर्ट को गुप्त क्यों रखा गया है। उन्होंने कहा कि अगर अच्छे कामों को गुप्त रखा जाता है, तो इससे लोगों के मन में संदेह पैदा होता है।

उन्होंने आगे कहा कि लोगों को पता होना चाहिए कि प्रांत क्या कर रहे हैं और केंद्र क्या कर रहा है।

न्यायाधीश ने पंजाब के राज्यपाल द्वारा नए सिरे से परिसीमन के अध्यादेश की घोषणा पर नाराजगी व्यक्त की। चुनाव आयोग के अनुसार, अध्यादेश ने जटिलताएं पैदा की हैं।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार नहीं चाहती कि स्थानीय चुनाव हों।

spot_img

Latest articles

रांची में प्री SA-2 परीक्षा शुरू, 1.65 लाख से अधिक छात्र हुए शामिल

Pre SA-2 exam begins in Ranchi : झारखंड एकेडमिक काउंसिल (Jharkhand Academic Council) की...

रांची में 12–13 फरवरी को होगा CMS वातावरण ट्रैवलिंग फिल्म फेस्टिवल एंड फोरम

CMS Vatavaran Travelling Film Festival and Forum: शहर में पर्यावरण और स्वदेशी ज्ञान को...

रिलोकेशन नोटिस के खिलाफ सड़कों पर उतरे दुकानदार, रिन्यूअल की मांग तेज

Demand for Renewals Picks Up : रांची नगर निगम द्वारा दुकानों को Relocate करने...

रांची विश्वविद्यालय ने BDS द्वितीय वर्ष की प्रायोगिक परीक्षा का कार्यक्रम किया जारी

BDS 2nd Year Practical Exam: रांची विश्वविद्यालय ने BDS द्वितीय वर्ष वार्षिक परीक्षा 2025...

खबरें और भी हैं...

रांची में प्री SA-2 परीक्षा शुरू, 1.65 लाख से अधिक छात्र हुए शामिल

Pre SA-2 exam begins in Ranchi : झारखंड एकेडमिक काउंसिल (Jharkhand Academic Council) की...

रांची में 12–13 फरवरी को होगा CMS वातावरण ट्रैवलिंग फिल्म फेस्टिवल एंड फोरम

CMS Vatavaran Travelling Film Festival and Forum: शहर में पर्यावरण और स्वदेशी ज्ञान को...

रिलोकेशन नोटिस के खिलाफ सड़कों पर उतरे दुकानदार, रिन्यूअल की मांग तेज

Demand for Renewals Picks Up : रांची नगर निगम द्वारा दुकानों को Relocate करने...