किन्नौरी भेड़, बकरियों का मांस खाएंगे अब आईटीबीपी के जवान

आईटीबीपी जवानों को अब किन्नौरी भेड़-बकरियों का स्थानीय मांस मिलेगा। हिमाचल सरकार की पहल से जवानों को गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति और किन्नौर के सहकारी क्षेत्र को आर्थिक फायदा होगा।

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नई दिल्ली : आईटीबीपी के जवान अब किन्नौरी भेड़ एवं बकरियों के मांस का जायका लेंगे। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की उपस्थिति में मंगलवार को शिमला में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और किन्नौर जिला सहकारी विपणन एवं उपभोक्ता संघ लिमिटेड के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत आईटीबीपी के जवानों के लिए गुणवत्तापूर्ण पहाड़ी भेड़ एवं बकरी के मांस की स्थानीय स्तर पर खरीद और आपूर्ति की जाएगी। प्रारंभिक चरण में सहकारी क्षेत्र के माध्यम से आईटीबीपी की कुल मांस आवश्यकता का लगभग 10 प्रतिशत पूरा होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय सहकारी क्षेत्र को प्रतिवर्ष लगभग 90 लाख रुपये के आर्थिक अवसर प्राप्त होंगे। भविष्य में सहकारी क्षेत्र के माध्यम से आईटीबीपी की मांस आवश्यकता को पूरा करने की संभावना के साथ इस पहल का वार्षिक आर्थिक मूल्य बढ़कर लगभग 9 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल आईटीबीपी के जवानों के कल्याण के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले समुदायों के साथ सतत आर्थिक संबंध स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी, डीआईजी (आईटीबीपी) शिमला रवि तथा किनफेड के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।