नई दिल्ली: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा केंद्रशासित प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ की गई कार्रवाई का स्वागत करते हुए मंगलवार को कहा कि इस तरह के कदम देश को आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से मजबूत करने के साथ-साथ सुरक्षा के लिहाज से भी मजबूती देंगे। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में इस कार्रवाई के लिए जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सुरक्षा बलों और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया तथा अन्य राज्यों से भी केंद्रशासित प्रदेश की राह पर चलने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि जम्मू-कश्मीर को इन विदेशी घुसपैठियों से मुक्त करने के साथ-साथ अन्य राज्य सरकारें भी इस मामले में तेजी से आगे बढ़ेंगी, जिससे देश को आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और सुरक्षा के दृष्टिकोण से मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।’’ जम्मू-कश्मीर में अवैध रूप से रह रहे 150 बांग्लादेशी नागरिकों को निर्वासन प्रक्रिया के तहत सोमवार को पश्चिम बंगाल भेजा गया।
अधिकारियों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर पुलिस की सहायता से प्रशासन द्वारा कश्मीर घाटी में किए गए सर्वेक्षण में करीब 600 बांग्लादेशी नागरिकों के क्षेत्र में कथित तौर पर अवैध रूप से रहने का पता चला। अधिकारियों ने बताया कि बांग्लादेशी नागरिकों को श्रीनगर पुलिस की निगरानी वाले एक शिविर में रखा गया और उन्हें अंतिम रूप से बांग्लादेश निर्वासित करने के लिए बागडोगरा ले जाया गया।
उन्होंने बताया कि 150 लोगों के एक समूह को सोमवार को भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से बागडोगरा ले जाया गया, जहां उन्हें सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों को सौंप दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, 150 और बांग्लादेशी नागरिकों को सात अक्टूबर को निर्वासित किया जाना है। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीमावर्ती इलाकों में रह रहे अवैध प्रवासियों की पहचान करने के लिए जनसांख्यिकीय बदलाव पर एक उच्च-स्तरीय समिति (एचएलसीडीसी) का गठन किया है।


