उच्च न्यायालय ने आजाद और रैना के सरकारी आवास में टिके रहने संबंधी नीति पर स्पष्टीकरण मांगा

जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय ने गुलाम नबी आजाद और रविंद्र रैना के सरकारी आवास में रहने की अनुमति से जुड़ी नीति पर प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा है।

Archana Ekka
0 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

जम्मू : जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय ने नेताओं के लिए सरकारी आवास से जुड़ी नीति पर स्पष्टीकरण मांगा है। उच्च न्यायालय ने यह स्पष्टीकरण तब मांगा जब उसे अवगत कराया गया कि एक समिति की सिफारिश पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आज़ाद और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता रवींद्र रैना अगले साल मार्च तक अपने सरकारी आवास में रह सकते हैं।

Share This Article
अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सन्मार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।