जमशेदपुर में 4.44 करोड़ की दो स्वीपिंग मशीनों में एक गायब तो दूसरी कबाड़ में तब्दील

जमशेदपुर में ₹4.44 करोड़ की डुलवो स्वीपिंग मशीनों पर सवाल उठे। RTI रिपोर्ट के अनुसार, एक मशीन गायब है और दूसरी कार्यालय परिसर में बेकार खड़ी है।

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जमशेदपुर: शहर को स्वच्छ और धूल-प्रदूषण मुक्त बनाने के नाम पर जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNAC) में करोड़ों रुपये की मशीनों की खरीद और उनके इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सूचना के अधिकार (RTI) से मिले दस्तावेजों के आधार पर सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, करीब 4 करोड़ 44 लाख 76 हजार 800 रुपये की लागत से खरीदी गईं दो अत्याधुनिक डुलवो (Dulevo) स्वीपिंग मशीनों में से एक पिछले कई महीनों से गायब है, जबकि दूसरी मशीन कार्यालय परिसर में खड़ी-खड़ी धूल फांक रही है और कबाड़ जैसी स्थिति में पहुंच गई है।

करोड़ों की मशीनें, लेकिन इस्तेमाल पर सवाल

रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों मशीनें शहर के गैर-टिस्को क्षेत्रों और बस्तियों की सड़कों की सफाई के लिए खरीदी गई थीं। योजना के तहत बारीडीह, बिरसानगर, बागुनहातु, लक्ष्मी नगर, प्रेम नगर, जेम्को आजाद बस्ती, बजरंगी बागान और मनीफिट समेत कई इलाकों में इन मशीनों से सड़कों की सफाई होनी थी। बताया गया है कि पहली मशीन 4 दिसंबर 2021 और दूसरी मशीन 13 जनवरी 2022 को खरीदी गई थी। हालांकि, आरोप है कि इन मशीनों का उपयोग अपेक्षित तरीके से नहीं हो रहा है और शहर की कई बस्तियों में आज भी धूल की समस्या बनी हुई है।

एक मशीन महीनों से गायब, दूसरी कार्यालय परिसर में खड़ी

रिपोर्ट के अनुसार, करीब 2.50 करोड़ रुपये की एक मशीन पिछले चार-पांच महीनों से JNAC कार्यालय से गायब है। वहीं, लगभग दो करोड़ रुपये की दूसरी मशीन कार्यालय परिसर में खड़ी है और उसका नियमित उपयोग नहीं हो रहा है। कर्मचारियों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि खरीद के बाद शुरुआती कुछ महीनों तक ही मशीनों का आंशिक इस्तेमाल किया गया। इसके बाद उनके संचालन को लेकर सवाल उठने लगे।

कार्यालय परिसर में खड़ी मशीन का भी नहीं हो रहा नियमित उपयोग

रिपोर्ट में कार्यालय परिसर में खड़ी एक मशीन की स्थिति को भी चिंताजनक बताया गया है। आरोप है कि मशीन को कभी-कभार चालू किया जाता है और फिर परिसर में ही खड़ा कर दिया जाता है। इससे सार्वजनिक धन से खरीदे गए महंगे उपकरणों के उपयोग और रखरखाव पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

नगर आयुक्त ने क्या कहा?

रिपोर्ट के अनुसार, JNAC के नगर आयुक्त योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि उन्हें फिलहाल मशीनों के बारे में पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेकर यह पता लगाने की बात कही कि मशीनें कहां हैं और किस स्थिति में हैं।

जांच और जवाबदेही की जरूरत

इस मामले में मशीनों की वर्तमान स्थिति, उनके संचालन से जुड़े रिकॉर्ड, रखरखाव के खर्च और उनके उपयोग की जांच महत्वपूर्ण है। यदि मशीनों के गायब होने या अनुपयोगी पड़े रहने की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदारी तय करने और सार्वजनिक धन के उचित उपयोग को सुनिश्चित करने की जरूरत होगी।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।