झारखंड के पारा शिक्षकों के लिए जेईपीसी ने जारी किया बेहद अहम पत्र, निर्देश का पालन नहीं करना पड़ेगा काफी महंगा

News Aroma Media
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न्यूज़ अरोमा रांची : झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद(जेईपीसी) ने राज्य के पारा शिक्षकों को लेकर एक बेहद अहम पत्र जारी किया है, जिसका पालन नहीं करना काफी महंगा पड़ने वाला है।

जी हां, जेईपीसी डायरेक्टर शैलेश कुमार चौरसिया द्वारा सभी जिला शिक्षा अधीक्षकों को पत्र लिखा गया है।

इसके तहत राज्य के पारा शिक्षकों के सेल्फ अटेस्टेड विवरणी समेत प्रमाण पत्र 30 मार्च तक ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर अपलोड करना है। ऐसा नहीं करने पर अप्रैल से उनका मानदेय रोक दिया जाएगा।

प्रमाण पत्रों की जानकारी नहीं देनेवाले पारा शिक्षकों की सूची तलब

इतना ही नहीं, प्रमाण पत्रों की जानकारी नहीं देनेवाले पारा शिक्षकों की सूची राज्य परियोजना कार्यालय को उपलब्ध कराने को भी कहा गया है।

वहीं, 30 मार्च तक अपलोड होनेवाले प्रमाण पत्रों का जिला स्तर पर 15 दिनों के अंदर सत्यापन कराने को कहा गया।

तय समय में कार्य नहीं करनेवाले जिला शिक्षा अधीक्षक व प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।

आठवीं बार जेईपीसी ने लिखा है पत्र

झारखंड शिक्षा परियोजना द्वारा जुलाई 2019 से ही इस संबंध में जानकारी मांगी जा रही है।

जिलों को पहला पत्र 17 जुलाई 2019 को भेजा गया था। इसके बाद 24 अक्तूबर 2019, पांच नवंबर 2019, पांच नवंबर 2019 को पत्र जारी किया गया।

इसके बाद वर्ष 2020 में 27 फरवरी, एक जून, 17 जुलाई को पत्र जारी किया गया था।

24 जुलाई तक कार्य पूरा करने को कहा गया था। इसके बावजूद लगभग आधे पारा शिक्षकों की विवरणी व प्रमाण पत्र भी पोर्टल पर अपलोड नहीं किए गए हैं। इसी मामले में जेईपीसी ने अब 8वीं बार पत्र लिखा है।

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