रांची: झारखंड के शहर अब पुराने और पारंपरिक नक्शों के भरोसे नहीं रहेंगे, बल्कि अगले 20 से 25 वर्षों की भावी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उनका आधुनिक और नियोजित विकास किया जाएगा। राज्य सरकार ने रांची समेत 15 प्रमुख शहरों के मास्टर प्लान को अपग्रेड करने की दिशा में बड़ी पहल की है। इसके तहत पूरे सर्वेक्षण कार्य के लिए ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।

ड्रोन सर्वे के माध्यम से शहरों की मौजूदा सड़कों, नई बसावटों, कॉलोनियों और तेजी से फैलते शहरी इलाकों की सटीक जीआईएस (GIS) मैपिंग तैयार की जाएगी। इस पहल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब केवल नगर निकायों की वर्तमान सीमा तक ही विकास कार्य सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि सीमा से बाहर तेजी से विकसित हो रहे आस-पास के ग्रामीण व अर्ध-शहरी इलाकों को भी ‘प्लानिंग एरिया’ में शामिल किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर, रांची के मास्टर प्लान-2037 के तहत वर्तमान सीमा से बाहर करीब 10 किलोमीटर तक के दायरे को संभावित प्लानिंग एरिया में शामिल करने का आकलन किया गया है।
नए मास्टर प्लान में ‘ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट’ (TOD) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके तहत रिहाइशी क्षेत्रों, व्यावसायिक बाजारों और मूलभूत नागरिक सुविधाओं को सार्वजनिक परिवहन के नेटवर्क और पैदल पहुंच के दायरे में विकसित किया जाएगा। ड्रोन सर्वे और टीओडी मॉडल के लागू होने से आने वाले समय में झारखंड के शहर अधिक सुव्यवस्थित, बेहतर कनेक्टिविटी वाले और भविष्य की चुनौतियों से निपटने में सक्षम नजर आएंगे।


