
रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंत्रालय में ऊर्जा विभाग के अद्यतन कार्यों और भावी योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य के हर नागरिक तक 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण, निर्बाध और सुलभ बिजली पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विभिन्न जिलों के उपायुक्तों से संवाद कर बिजली आपूर्ति, पावर ग्रिड स्थापना, और क्षेत्रीय समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत राज्य के सभी पात्र उपभोक्ताओं को 200 यूनिट निःशुल्क बिजली का लाभ समय पर पहुंचाने का निर्देश दिया। राजधानी रांची की विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कुसई कॉलोनी, बरियातू और इटकी में तीन नए स्मार्ट ग्रिड स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही नए विद्युत उपकेंद्रों का भी निर्माण होगा। आम लोगों की सुविधा को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिया कि ट्रांसफार्मर जलने की स्थिति में 24 घंटे के भीतर नया ट्रांसफार्मर लगाया जाए।
सभी सरकारी व प्रमुख अस्पतालों में 24 घंटे बिजली सुनिश्चित करने के लिए ‘ड्यूल लाइन’ (दोहरी विद्युत लाइन) व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए, ताकि आपातकालीन सेवाएं प्रभावित न हों। विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए रिक्त पदों पर जल्द भर्ती की जाएगी। प्रथम चरण में 35 प्रतिशत रिक्त पदों को भरने के लिए प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य में सौर और जलविद्युत उत्पादन को गति दी जाएगी। सिकिदिरी पावर प्लांट के आधुनिकीकरण के साथ-साथ हुंडरू और जोन्हा जैसे जलप्रपातों से कम पानी में अधिकतम बिजली उत्पादन की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
बंजर व अनुपयोगी भूमि पर सोलर फार्मिंग को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत मिले। उत्पादित सौर ऊर्जा की सरकारी खरीद के लिए पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाएगी। बिजली आपूर्ति, शिकायत निवारण और परियोजनाओं की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम और स्मार्ट मीटरिंग अभियान में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।
बोकारो, धनबाद और हजारीबाग में ट्रांसमिशन लाइन व ग्रिड निर्माण में आ रही भूमि और वन स्वीकृति से जुड़ी बाधाओं को अगले 10 दिनों के भीतर सुलझाने का निर्देश दिया गया है।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव के. श्रीनिवासन सहित विभाग व सहायक निगमों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, जबकि क्षेत्रीय कार्यालयों के अभियंता डिजिटल माध्यम से जुड़े।

