रांची : केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी की ओर से एमएमडीआर संशोधन का विरोध करने पर झारखंड सरकार को ‘कोयला चोरी को बढ़ावा देने’ का आरोप लगाए जाने पर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं के पास जब अपने कानून के पक्ष में ठोस तर्क नहीं बचते हैं, तो वे झारखंड की जनता को गुमराह करने के लिए चोरी और भ्रष्टाचार जैसे शब्दों का सहारा लेते हैं। राकेश सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस का सवाल बेहद सीधा है—झारखंड की धरती से निकलने वाले खनिजों पर पहला वैधानिक अधिकार झारखंड की जनता का है या दिल्ली में बैठी केंद्र सरकार का? अन्नपूर्णा देवी को इस सवाल का जवाब देना चाहिए। केवल ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित झारखंड’ का नारा लगाने से झारखंड विकसित नहीं होगा। झारखंड तभी विकसित होगा जब उसकी खनिज संपदा से मिलने वाले राजस्व का न्यायसंगत हिस्सा झारखंड के विकास पर खर्च हो।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेता MMDR को कारोबारियों की सुविधा और निवेश का कानून बताकर असली मुद्दे से बचने की कोशिश कर रहे हैं। असली सवाल यह है कि राज्यों को अपने खनिज संसाधनों से संबंधित कर और सेस लगाने की जो वैधानिक शक्ति प्राप्त है, उसे सीमित करने की जरूरत केंद्र सरकार को क्यों महसूस हुई? 2024 में सुप्रीम कोर्ट के खनिज अधिकारों और कराधान से संबंधित फैसले के बाद यह सवाल और महत्वपूर्ण हो गया है। राकेश सिन्हा ने कहा कि झारखंड सरकार ने 2026-27 के बजट में खनिज-युक्त भूमि उपकर से लगभग ₹14,656 करोड़ राजस्व का अनुमान रखा है। यह राशि झारखंड के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, ग्रामीण आधारभूत संरचना और जनकल्याण से जुड़ी है। ऐसे में यदि केंद्र सरकार राज्यों की इस राजस्व क्षमता को सीमित करती है तो भाजपा को बताना चाहिए कि झारखंड के इस संभावित राजस्व की भरपाई कौन करेगा?
उन्होंने कहा कि भाजपा का तर्क है कि MMDR से टैक्स व्यवस्था में एकरूपता आएगी। लेकिन सवाल यह है कि एकरूपता के नाम पर क्या संघीय ढांचे की कीमत चुकाई जाएगी? भारत राज्यों का संघ है और राज्यों की आर्थिक शक्ति को कमजोर करके मजबूत भारत का निर्माण नहीं किया जा सकता। कांग्रेस मीडिया प्रभारी ने कहा कि भाजपा कोयला चोरी की बात करती है तो केंद्र सरकार बताए कि अवैध खनन और कोयला तस्करी रोकने के लिए केंद्र की एजेंसियों और राज्य की एजेंसियों ने अब तक क्या ठोस कार्रवाई की है। हर राजनीतिक सवाल का जवाब ‘कोयला चोरी’ बताना भाजपा की पुरानी राजनीतिक शैली हो सकती है, लेकिन झारखंड की जनता अब वास्तविक सवाल पूछ रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस वैध खनन, पारदर्शी नीलामी, निवेश और रोजगार के खिलाफ नहीं है। कांग्रेस चाहती है कि खनिज संपदा का दोहन कानून के अनुसार हो, पर्यावरण और विस्थापितों के अधिकार सुरक्षित रहें तथा उससे मिलने वाला राजस्व झारखंड की जनता के हित में इस्तेमाल हो। राकेश सिन्हा ने केंद्रीय मंत्री पर पलटवार करते हुए कहा कि “अन्नपूर्णा देवी जी, झारखंड सरकार पर कोयला चोरी का आरोप लगाने से पहले यह बताइए कि झारखंड के खनिज राजस्व पर केंद्र की नजर क्यों है? झारखंड की धरती से खनिज निकले और उसका आर्थिक नियंत्रण भी दिल्ली करे—क्या यही भाजपा का ‘विकसित झारखंड’ मॉडल है?”
उन्होंने कहा कि भाजपा को यह समझना होगा कि झारखंड केवल कोयला, लौह अयस्क और खनिज देने वाला राज्य नहीं है, बल्कि अधिकारों और सम्मान के साथ जीने वाले करोड़ों लोगों की भूमि है। यहां की प्राकृतिक संपदा पर पहला हक यहां की जनता का है और कांग्रेस किसी भी ऐसे प्रावधान का विरोध करेगी जो झारखंड के वैधानिक, वित्तीय और संघीय अधिकारों को कमजोर करता है।


