झारखंड में यहां सोशल मीडिया ने तीन माह से लापता बच्चे को मां-बाप से मिलाया

लेकिन यही पोस्ट सरिया पुलिस के लिए बच्चे को खोजने में अंधेरे में दीपक की बाती में सुई खोजने वाले कहावत चरितार्थ कर दिया

News Desk
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Social Media Reunites Missing Child with Parents: सोशल मीडिया में इन दिनों Rills बनाकर पैसे कमाने का प्रचलन बढ़ता जा रहा है। लोगाें की दिनचर्या में Social मीडिया ने अपनी जगह बना ली है। इसी सोशल मीडिया के रील्स ने तीन माह बाद एक नाै साल के बेटे को उसके माता पिता से मिलाने में बेहद महत्पूर्ण भूमिका निभाई है।

मामला गिरिडीह के सरिया थाना से जुड़ा है। पुत्र चंदन कुमार के मिलने से माता पिता मुरली दास के चेहरे पर तीन माह बाद खुशी लौटी है। मंगलवार को माता पिता अपने नो साल के बेटे चंदन को लेने सरिया पहुंचे, तो बेटा माता पिता को और माता पिता बेटे को देख कर उसे बेहद खुश थे।

बताया जाता है कि सरिया थाना के मादरमो से तीन माह पहले 29 अप्रैल को चंदन कुमार घर से कही जाने के लिए निकला था। देर शाम तक वापस नहीं लौटने पर पिता मुरली दास ने सरिया थाना में आवेदन देकर बेटे के सकुशल बरामदगी की गुहार लगाई।

लेकिन जब तीन माह के बाद भी चंदन नहीं लौटा, तो माता पिता ने बेटे के मिलने की उम्मीद ही खो दी थी। हालांकि सरिया थाना पुलिस द्वारा लापता चंदन को लगातार तलाश की जा रही थी

इसी बीच दो दिन पहले किसी फेसबुक यूजर्स ने एक ईट भट्टा में चंदन के काम करते हुए रील्स बनाकर पोस्ट किया। जब इस रील्स पर सरिया थाना पुलिस का नजर पड़ी तो सरिया पुलिस सक्रिय हुई। मामले की जानकारी एसडीपीओ धनंजय राम को दी गई ।

SDPO और सरिया थाना पुलिस Facebook में Post हुए रील्स के जरिए ईट में काम कर रहे चंदन तक पहुंची और उसे बरामद करने में सफल रही। पुलिस के मुताविक रील्स बनाकर पोस्ट करने वाले फेसबुक Users ने एक ईट भट्टा में नाबालिग मजदूर के काम करने के मकसद से पोस्ट किया।

लेकिन यही पोस्ट सरिया पुलिस के लिए बच्चे को खोजने में अंधेरे में दीपक की बाती में सुई खोजने वाले कहावत चरितार्थ कर दिया। अब सरिया पुलिस रील्स बनाने वाले फेसबुक यूजर्स को भी तलाशने में जुटी हुई है। एसडीपीओ धनंजय राम ने कहा की टेक्निकल टीम द्वारा उस फेसबुक यूजर्स की तलाश कर रही है।

 

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