रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा आयोजित कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (सीजीएल) और फूड सेफ्टी ऑफिसर (एफएसओ) की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। यह फैसला कई उम्मीदवारों द्वारा दायर याचिकाओं के बाद आया है, जिन्होंने परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमिताओं और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र लीक होने, नकल करने और अन्य गलत प्रथाओं के सबूत मिले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्रों को पहले ही खोल दिया गया था, जिससे परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं। इसके अलावा उन्होंने जेएसएससी पर पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा आयोजित करने में विफल रहने का आरोप लगाया।
इन आरोपों पर संज्ञान लेते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने जेएसएससी को तत्काल प्रभाव से भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने आयोग से आरोपों की जांच के लिए एक स्वतंत्र समिति गठित करने और तीन सप्ताह के भीतर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। साथ ही, कोर्ट ने जेएसएससी से यह स्पष्ट करने को कहा है कि उसने परीक्षा के दौरान होने वाली अनियमितताओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए थे।
भर्ती प्रक्रिया पर रोक के इस फैसले ने जेएसएससी सीजीएल और एफएसओ परीक्षाओं में शामिल हजारों उम्मीदवारों में अनिश्चितता और निराशा पैदा कर दी है। इनमें से कई उम्मीदवार कई वर्षों से परीक्षा की तैयारी कर रहे थे और उनकी उम्मीदें इस भर्ती पर टिकी थीं। उन्हें उम्मीद है कि कोर्ट जल्द ही इस मामले में कोई सकारात्मक निर्णय लेगा।
भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप न केवल जेएसएससी के लिए, बल्कि झारखंड सरकार के लिए भी एक बड़ी चुनौती हैं। यह राज्य में सरकारी नौकरी की भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवालिया निशान लगाता है। यह भी उजागर करता है कि राज्य में परीक्षाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए और अधिक प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगने के बाद, राज्य सरकार ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी।
