
JSSC Exam Controversy : Jharkhand High Court ने माध्यमिक आचार्य नियुक्ति परीक्षा से जुड़े मामले में Jharkhand Staff Selection Commission (JSSC) के कामकाज पर कड़ी नाराजगी जताई है। जस्टिस Deepak Roshan की अदालत में शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान आयोग से कई अहम सवाल पूछे गए।
अदालत ने पूछा कि जब परीक्षा में कंप्यूटर हैकिंग या बाहरी हस्तक्षेप की आशंका थी, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर उच्चस्तरीय जांच क्यों नहीं कराई गई। कोर्ट ने इस मामले में आयोग के रवैये पर असंतोष जताते हुए स्पष्ट जवाब मांगा है।
यह पूरा मामला पेपर-2 की पुनर्परीक्षा से जुड़ा है, जिसमें 2819 अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा देने का निर्देश दिया गया है। याचिकाकर्ता अर्चना कुमारी समेत अन्य अभ्यर्थियों ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी है। उनका कहना है कि बिना दोषी अभ्यर्थियों की पहचान किए सभी को पुनर्परीक्षा के लिए बाध्य करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी पूछा कि आयोग ने परीक्षा केंद्रों पर गड़बड़ी करने वाले लोगों की पहचान क्यों नहीं की और सीधे सभी अभ्यर्थियों को पुनर्परीक्षा में शामिल करने का फैसला कैसे लिया गया।
हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद अब JSSC पर दबाव बढ़ गया है कि वह पूरे मामले में स्पष्ट स्थिति रखे। अदालत ने अगली सुनवाई 27 अप्रैल को तय की है, जहां आयोग को विस्तृत जवाब देना होगा।

