सितंबर माह की ₹2,500 की राशि हुई हस्तांतरित, जिले की 1,72,763 मंईयां हुईं लाभान्वित

जमशेदपुर : दुर्गा पूजा के पावन पर्व से पूर्व झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत पश्चिमी सिंहभूम जिले की मंईयां लाभुकों के खाते में सितंबर माह की सम्मान राशि हस्तांतरित की गई है। जिले की कुल 1,72,763 मंईयां के बैंक खातों में ₹2,500 प्रति लाभुक की दर से राशि क्रेडिट हुई है। इस प्रकार जिले की लाभुक महिलाओं के खातों में कुल ₹43.19 करोड़ से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई है। राज्य सरकार द्वारा संचालित इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, उन्हें अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना तथा परिवार के निर्णयों में उनकी भागीदारी को और मजबूत करना है। योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को नियमित रूप से सम्मान राशि उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उन्हें घरेलू जरूरतों, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं अन्य आवश्यक खर्चों में आर्थिक सहयोग मिल रहा है।
दुर्गा पूजा जैसे महत्वपूर्ण पर्व से पहले सम्मान राशि का लाभुकों के बैंक खातों में पहुंचना जिले की महिलाओं के लिए विशेष खुशी का अवसर है। इससे पर्व की तैयारियों के साथ-साथ दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति में भी उन्हें आर्थिक सहारा मिलेगा। योजना से जुड़ी महिलाओं में सरकार के प्रति विश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना को भी मजबूती मिल रही है। जिला प्रशासन द्वारा योजना के सफल क्रियान्वयन एवं पात्र लाभुकों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। लाभुकों के बैंक खातों की स्थिति, आधार एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं से संबंधित मामलों के निष्पादन पर भी संबंधित विभागों द्वारा सतत निगरानी रखी जा रही है, ताकि पात्र लाभुकों को समय पर योजना का लाभ मिल सके।
जिला प्रशासन ने लाभुक मंईयां से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते में राशि के क्रेडिट होने की जानकारी प्राप्त करें तथा किसी प्रकार की समस्या होने पर संबंधित प्रखंड कार्यालय अथवा सक्षम पदाधिकारी से संपर्क करें। योजना का मूल उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाते हुए उनके सम्मान, स्वावलंबन और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। पश्चिमी सिंहभूम जिले में 1,72,763 मंईयां के खातों में सितंबर माह की ₹2,500 की सम्मान राशि का क्रेडिट होना महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और जिला प्रशासन के प्रभावी क्रियान्वयन का महत्वपूर्ण उदाहरण है।


