झारखंड पुलिस में बड़ा एक्शन! लेखा शाखा में ‘जमे’ कर्मियों पर गिरी गाज, 48 घंटे में हटाने का आदेश

झारखंड पुलिस में बड़ा प्रशासनिक कदम, लेखा शाखा में तीन साल से जमे कर्मियों को 48 घंटे में हटाने का आदेश, वित्तीय अनियमितताओं के बाद सख्ती और पारदर्शिता पर जोर।

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रांची: झारखंड पुलिस में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर लेखा शाखा में लंबे समय से जमे कर्मियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आदेश के मुताबिक, जो पुलिसकर्मी तीन साल या उससे ज्यादा समय से एक ही जगह पर तैनात हैं, उन्हें 48 घंटे के भीतर वहां से हटाकर दूसरी इकाइयों या पदों पर भेजा जाएगा। यह फैसला हाल के दिनों में सामने आई वित्तीय गड़बड़ियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि एक ही जगह लंबे समय तक रहने से पारदर्शिता पर असर पड़ता है और गड़बड़ी की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में यह कदम व्यवस्था को ज्यादा साफ और जवाबदेह बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

वित्तीय गड़बड़ियों के बाद सख्ती

दरअसल, पुलिस मुख्यालय को हाल ही में कई जिलों से वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें मिली थीं। खासकर बोकारो और हजारीबाग से जुड़े मामलों में अतिरिक्त वेतन भुगतान और संदिग्ध निकासी जैसे मुद्दे सामने आए। इन घटनाओं ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए, जिसके बाद उच्च स्तर पर समीक्षा की गई और यह सख्त फैसला लिया गया।

48 घंटे में ट्रांसफर का आदेश

जैप डीआईजी की ओर से जारी निर्देश में साफ कहा गया है कि सभी जिलों और इकाइयों में इस आदेश का तुरंत पालन किया जाए। अधिकारियों को 48 घंटे के भीतर कार्रवाई पूरी करने को कहा गया है। इसके तहत संबंधित कर्मियों को अन्य शाखाओं या पदों पर स्थानांतरित किया जाएगा, ताकि कामकाज में निष्पक्षता बनी रहे।

तीन साल तक वापसी नहीं

आदेश में यह भी साफ कर दिया गया है कि जिन कर्मियों को लेखा शाखा से हटाया जाएगा, उन्हें अगले तीन साल तक उसी शाखा में दोबारा पोस्टिंग नहीं दी जाएगी। इसका मकसद किसी भी तरह की मिलीभगत या बार-बार होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगाना है। साथ ही सभी इकाइयों को निर्देश दिया गया है कि वे तय समय में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपें, ताकि पूरे मामले पर नजर रखी जा सके।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।