
रांची : प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने भारतीय जनता पार्टी द्वारा कल प्रस्तावित झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) घेराव को राजनीतिक पाखंड और युवाओं को गुमराह करने की साजिश बताया है।
सिन्हा ने कहा कि जो भाजपा पिछले 12 वर्षों से केंद्र की सत्ता में रहते हुए देशभर में बार-बार पेपर लीक की घटनाओं को रोकने में विफल रही, लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ होने दिया और अपने अधिकारों की मांग करने वाले छात्रों पर लाठियां बरसाती रही, उसे आज झारखंड के युवाओं के नाम पर आंदोलन करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि NEET, UGC-NET, सहित अनेक प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं ने करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित किया है। जब देशभर के छात्र न्याय मांग रहे थे, तब भाजपा सरकार जवाब देने के बजाय आंदोलन कर रहे युवाओं पर दमन कर रही थी। आज वही भाजपा झूठी सहानुभूति दिखाकर राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहती है।
राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा को यदि वास्तव में युवाओं की चिंता होती तो वह केंद्र सरकार में वर्षों से खाली पड़े लाखों पदों को भरने की मांग करती, बेरोजगारी पर जवाब देती और परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाती। लेकिन भाजपा का पूरा राजनीतिक चरित्र केवल आरोप लगाने, भ्रम फैलाने और युवाओं की भावनाओं का चुनावी इस्तेमाल करने तक सीमित है।
उन्होंने कहा कि झारखंड की गठबंधन सरकार पारदर्शी एवं समयबद्ध नियुक्ति प्रक्रिया के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी शिकायत या अनियमितता पर सरकार कानून के अनुसार कार्रवाई करती है। भाजपा का JPSC घेराव युवाओं के हित का आंदोलन नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक विफलताओं से ध्यान भटकाने का एक सुनियोजित प्रयास है।
राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा को पहले देश के युवाओं से माफी मांगनी चाहिए कि 12 वर्षों में रोजगार देने के वादे पूरे नहीं किए, पेपर लीक रोकने में असफल रही और छात्रों की आवाज को लाठियों से दबाने का काम किया। इसके बाद ही उसे नैतिकता और युवाओं के भविष्य की बात करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता और राज्य के युवा भाजपा के इस दोहरे चरित्र को अच्छी तरह पहचान चुके हैं। कांग्रेस पार्टी युवाओं के अधिकार, निष्पक्ष भर्ती, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और रोजगार के लिए हमेशा संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी।

