RANCHI : जिस्मफरोशी का धंधा छोड़ कर निवेश की गर्लफ्रेंड बनी थी बांग्लादेशी महिला अंजलि, इस तरह हुई गिरफ्तार

पीएलएफआई सुप्रीमो के सहयोगी के निशानदेही पर हथियार बरामद

रांची: रांची पुलिस ने पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप के सहयोगी निवेश कुमार के निशानदेही पर बड़ी संख्या में हथियार और कारतूस बरामद किया है।

एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा के निर्देश पर रांची पुलिस की टीम ने यह कार्रवाई की है। गुरुवार को दिनेश गोप का सहयोगी निवेश कुमार की निशानदेही पर धुर्वा स्थित आम बागान आदर्श नगर उसके आवास में छापेमारी कर छह पिस्टल, 38 कारतूस और डमी पिस्टल बरामद किया है।

पकड़े गए नक्सली निवेश कुमार ने इन सभी हथियारों की खरीदारी नक्सली संगठन पीएलएफआई के लिए की थी। लेकिन इसे वह संगठन तक पहुंचा नहीं पाया था।

उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के आठ सदस्यों को रांची पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इन नक्सलियों के कब्जे से आधुनिक हथियारों के साथ-साथ लग्जरी कारें और लाखों रुपये कैश बरामद किये हैं।

पकड़े गए उग्रवादी बीएमडब्लू और एमजी हेक्टर जैसी महंगी लग्जरी कारों का इस्तेमाल कर रहे थे। इनके कब्जे से पुलिस ने 77 लाख कैश, एक बीएमडब्ल्यू कार, एक थार जीप, एक एमजी हेक्टर कार, एक जाइलो और स्कूटी बरामद की है।

पुलिस को इनके पास से एक पिस्टल, 32 कारतूस सहित कई आधुनिक हथियार मिले हैं। साथ ही 30 मोबाइल फोन और कई सिम कार्ड भी बरामद किये गए थे।

लेवी के पैसे से पीएलएफआइ सुप्रीमो ने दिल्ली में ले रखा है आलीशान होटल

पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप पर पुलिस लगातार शिकंजा कस रही है। रांची पुलिस पहले ही आठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

गुरुवार को रांची पुलिस ने बक्सर से गिरफ्तार निवेश के चार और सहयोगियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम निवेश पोद्दार, ध्रुव कुमार, शुभम पोद्दार और अंजली उर्फ कनीस फातिमा है।

रांची पुलिस की गिरफ्त में आयी एक बांग्लादेशी महिला अंजली ने कई राज खोले हैं। निवेश की गर्लफ्रेंड बांग्लादेशी महिला अंजलि ने पुलिस को कई ऐसे तथ्य बताये हैं। इसके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप के कहने पर ही रंगदारी के पैसे से दिल्ली में एक थ्री स्टार होटल की खरीदारी की थी।

उस होटल को बांग्लादेशी महिला अंजलि चलाती थी। होटल से होनेवाले इनकम का पूरा हिसाब सुप्रीमो दिनेश गोप के पास होता है। इस होटल का इस्तेमाल संगठन के उग्रवादियों को रुकने के लिए भी किया जाता है।

जिस्मफरोशी के धंधे छोड़ कर निवेश की बनी थी गर्लफ्रेंड

रांची पुलिस की गिरफ्त में आयी बांग्लादेशी महिला ने बताया कि जिस्मफरोशी के धंधे को छोड़ कर पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप के सहयोगी निवेश की गर्लफ्रेंड बनी थी।

निवेश अक्सर पब आना-जाना करता था। इसी बीच बांग्लादेशी महिला अंजलि से मुलाकात हुई।

हालांकि शुरुआती दौर में अंजलि निवेश के कारोबार को नहीं जानती थी लेकिन नजदीक आने के बाद निवेश ने दिल्ली वाले थ्री स्टार होटल चलाने का जिम्मा अंजलि को दे दिया।

जिसके बाद अंजलि निवेश के साथ रहने लगी। अंजलि निवेश की हर ख्वाहिशों को पूरा करने जुटी हुई थी।

पुलिस से बचने के लिए निवेश करता था महिला का इस्तेमाल

पुलिस जांच में इस बात की जानकारी मिली है कि निवेश लेवी के रूप में मिलनेवाले पैसे से अक्सर दिल्ली स्थित होटल में रेड लाइट एरिया से बदल-बदल कर लड़कियों को लाता था और अपने साथ घुमाता था।

निवेश पुलिस से बचने के लिए भी लड़कियों का सहारा लेता था और एक राज्य से दूसरे राज्य में आने-जाने के दौरान चेकिंग में पुलिस कहीं न रोके इसलिए अपने साथ एक युवती को जरूर रखता था।

दिल्ली से बक्सर भागने के दौरान भी निवेश ने पुलिस से बचने के लिए ही अंजलि उर्फ लिली को अपने साथ कार में लिया था ताकि रास्ते में चेकिंग के दौरान कहीं उसे पुलिस ना रोके।

सात साल से बांग्लादेशी महिला नाम बदल कर रह रही थी दिल्ली में

पुलिस को जानकारी मिली है कि अंजलि का असली नाम कनीस फातिमा है, लेकिन वह नाम बदल कर पिछले सात सालों से दिल्ली में रह रही थी।

अंजलि उर्फ लिली उर्फ कनीस फातिमा बांग्लादेश के खुलना नामक जगह की रहनेवाली है। पुलिस की पूछताछ में फातिमा ने यह बताया है कि बांग्लादेश से दिल्ली आने के बाद उसने अपना नाम अंजलि रख लिया था।

पुलिस यह जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है कि अंजलि भारत में कैसे आयी है। फिलहाल उसके पास से पासपोर्ट बरामद नहीं किया गया है। जांच में इसके पास से फर्जी आधार कार्ड बरामद किया गया।

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