झारखंड

कोर्ट के आदेश का पालन नहीं कर सकते तो छोड़ दें कुर्सी: झारखंड हाईकोर्ट

रांची: झारखंड हाई कोर्ट में रांची के बड़ा तालाब सहित अन्य जलाशयों के आसपास के क्षेत्र में हो रहे अतिक्रमण मामले में गुरुवार को सुनवाई हुई।

सुनवाई के दौरान अदालत ने नगर निगम की कार्यशैली और जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमणधारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं किये जाने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की।

कोर्ट ने कहा कि अब बहुत हुआ, हिनू नदी के आसपास अतिक्रमण करने वालों को रोक नहीं सकते तो क्या कर सकते हैं। बड़ी बिल्डिंग हटाने में कितना वक्त लगता है।

सुनवाई के दौरान रांची डीसी,एसएसपी और रांची नगर निगम के नगर आयुक्त भी अदालत के समक्ष उपस्थित रहे। अदालत ने उनसे अतिक्रमण हटाने के लिए अब तक उठाये गए कदम की जानकारी ली।

अदालत को नगर आयुक्त ने बताया कि स्टाफ की कमी और फोर्स की कमी के कारण अतिक्रमण हटाने का कार्य नहीं हो पाया।

इसपर नाराजगी जताते हुए अदालत ने कहा कि कोर्ट के आदेश का पालन नहीं कर सकते तो कुर्सी छोड़ देनी चाहिए। कोरोना की आड़ में आपलोग बच रहे हैं।

राज्य सरकार की तरफ से पक्ष रख रहे अपर महाधिवक्ता सचिन कुमार ने कोर्ट को बताया कि सरकार अतिक्रमण हटाने को लेकर गंभीर है। बताया कि जिन लोगों ने अतिक्रमण किया है, उन्हें नोटिस भी भेजा गया है।

कोर्ट ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि हर दो सप्ताह में अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी अदालत को दी जाए।

इस मामले की सुनवाई के लिए तीन सप्ताह के बाद की तारीख कोर्ट ने तय की है।

साथ ही कोर्ट ने अगली सुनवाई पर नगर विकास सचिव और पेयजल विभाग के सचिव को भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

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