रांची: झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को डोरंडा स्थित विद्युत आपूर्ति क्षेत्र (कुसई कॉलोनी) के महाप्रबंधक (तकनीकी) मनमोहन कुमार से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। संघ के केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में मिले प्रतिनिधिमंडल ने तुपुदाना प्रशाखा में पदस्थापित कनीय विद्युत अभियंता अंकित कुमार की कार्यप्रणाली और मानव दिवस कर्मियों (मानवबल) से जुड़ी विभिन्न अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

अजय राय ने बताया कि तुपुदाना प्रशाखा में कार्यरत मानव दिवस कर्मियों को बेवजह काम से हटाने की धमकी दी जा रही है और उनके स्थान पर अधिकारियों के परिचितों या रिश्तेदारों को रखने का प्रयास किया जा रहा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि लगभग एक वर्ष पूर्व मानव दिवस कर्मी संदीप कुमार को हटाकर कनीय विद्युत अभियंता के भाई प्रमोद कुमार को काम पर रखा गया था। इसके अलावा 18 सितंबर 2026 को मानव दिवस कर्मी गखीन माझी (करण मांझी) को कार्य से हटाए जाने के मामले की भी जांच कराने का आग्रह किया गया है।
संघ ने ऑनलाइन बिजली कनेक्शन, कनेक्शन रिलीज, राजस्व संग्रह और ओटीपी (OTP) आधारित संवेदनशील कार्यों पर भी सवाल उठाए हैं। अजय राय का कहना है कि यह सभी अत्यंत संवेदनशील और गोपनीय कार्य हैं, जिन्हें सिर्फ विभाग द्वारा अधिकृत कर्मियों से ही कराया जाना चाहिए, न कि गैर-अधिकृत लोगों से। इसके साथ ही हटिया-तुपुदाना क्षेत्र में पोल और तार शिफ्टिंग के मामलों में एस्टीमेट, कास्टिंग, सक्षम स्वीकृति और विभागीय राजस्व जमा होने की स्थिति की जांच कराने की भी मांग रखी गई है।
कार्यालय आदेश संख्या-11 (दिनांक 26 सितंबर 2026) का जिक्र करते हुए संघ ने कहा कि इस आदेश में नियमित कर्मचारियों के साथ-साथ मानव दिवस कर्मियों के स्थानांतरण का भी उल्लेख किया गया है, जिसकी अधिकारिता और नियमों की समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ कार्रवाई की मांग नहीं कर रहा, बल्कि पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता चाहता है। विषम परिस्थितियों में काम करने वाले मानवबल को बिना पारदर्शी प्रक्रिया के हटाना गलत है। संघ ने महाप्रबंधक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित अभिलेखों को सुरक्षित रखने और जांच पूरी होने तक किसी भी कर्मी के साथ मनमानी न होने देने की मांग की है।


