रांची: शहरवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने, प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी व सुलभ बनाने तथा निगम के आंतरिक राजस्व को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से रांची नगर निगम ने कई महत्वपूर्ण एवं दूरगामी कदम उठाए हैं। नगर निगम की ओर से मंगलवार 29 सितंबर को प्रशासनिक सुधार, नागरिक सुविधा, वेंडर मार्केट्स के सुदृढ़ीकरण और जलाशयों के संरक्षण से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए।

नागरिकों को निगम की सेवाएं उनके घर के करीब उपलब्ध कराने की दिशा में आगामी 2 अक्टूबर से शहर के पांच अलग-अलग क्षेत्रों में अंचल कार्यालयों का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। ये नए अंचल कार्यालय बड़ा तालाब के सामुदायिक भवन (वार्ड 21), पंडरा स्थित पंचायत कार्यालय (वार्ड 32), बांधगाड़ी स्थित सामुदायिक भवन (वार्ड 06), एचईसी धुर्वा के सेक्टर-3 बाजार स्थित सामुदायिक भवन (वार्ड 40) और हेसाग के उरांव चौक स्थित सामुदायिक भवन (वार्ड 52) में खोले जा रहे हैं।
इन कार्यालयों में सिविल कार्य व रंग-रोगन का काम अंतिम चरण में है और सीसीटीवी कैमरे तथा जनसुविधा की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इसके शुरू होने से आम लोगों को छोटी-छोटी नागरिक सुविधाओं के लिए कचहरी स्थित निगम मुख्यालय के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।
इधर, नगर आयुक्त सुशांत गौरव के निर्देश पर हुई समीक्षा बैठक में निगम के राजस्व संग्रहण की धीमी गति पर चिंता जताई गई। अपर नगर आयुक्त ने राजस्व शाखा को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक वार्ड के टॉप 500 बकायेदारों की सूची बनाकर बकाया कर की त्वरित वसूली की जाए। उन्होंने कम राजस्व संग्रहण वाले वार्डों के लिए विशेष लक्ष्य-आधारित कार्ययोजना बनाने और सभी कर संग्रहकर्ताओं, राजस्व निरीक्षकों तथा नगर प्रबंधकों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय होकर काम करने का आदेश दिया।
नागरिक सुविधाओं के साथ-साथ निगम ने दुकानदारों और वेंडर्स के हित में भी पहल की है। उप नगर आयुक्त रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में मोरहाबादी वेंडिंग जोन, नागाबाबा वेजिटेबल मार्केट, अटल स्मृति वेंडर मार्केट और डिस्टलरी पोल वेंडर मार्केट में सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की समीक्षा की गई।
उप नगर आयुक्त ने सभी वेंडर मार्केट्स में दो पालियों में सफाई, शौचालय की नियमित स्वच्छता, पर्याप्त रोशनी, पेयजल और छोटे-मोटे मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही प्रत्येक वेंडर को अपने पास डस्टबिन रखने की ताकीद की गई।
दूसरी ओर उच्च न्यायालय के निर्देशों के आलोक में शहर के जलस्रोतों को संरक्षित करने के लिए निगम की इंफोर्समेंट टीम ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण रोधी अभियान चलाया। टीम ने धुर्वा डैम, जगन्नाथपुर तालाब, हुंडरू तालाब, बटन तालाब, बड़ा तालाब, करमटोली, चडरी, जेल, अरगोड़ा और हेहल तालाब के आसपास से दर्जनों अवैध अस्थायी दुकानों, शेड, गुमटियों और ठेलों को हटाया और अतिक्रमण में इस्तेमाल सामग्री जब्त की।
चडरी तालाब के पास चल रहे अवैध भोजनालय, टायर दुकान और पान गुमटियों को हटाया गया, वहीं अरगोड़ा तालाब के पास बने अस्थायी शेड ध्वस्त किए गए। निगम ने चेतावनी दी है कि जलाशयों के आसपास किसी भी प्रकार का अनधिकृत निर्माण या व्यावसायिक गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


