
रांची: झारखंड में 5 अगस्त से राज्यभर के कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और तकनीकी शिक्षण संस्थानों में विशेष वोटर रजिस्ट्रेशन अभियान शुरू होगा। इस अभियान के तहत 18 वर्ष पूरे कर चुके या 1 अक्टूबर 2026 तक 18 साल के होने वाले पात्र छात्रों का नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा। इसके लिए कॉलेज परिसरों में हेल्प डेस्क और विशेष पंजीकरण शिविर लगाए जाएंगे।
सोमवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रविकुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और तकनीकी संस्थानों के प्राचार्यों व निदेशकों के साथ बैठक की। बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की समीक्षा की गई और नए मतदाताओं के पंजीकरण की रणनीति पर चर्चा हुई।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में बड़ी संख्या में युवा पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी है कि वे पात्र विद्यार्थियों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए प्रेरित करें और निर्वाचन विभाग के साथ मिलकर अभियान को सफल बनाएं।
5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद नए मतदाताओं का पंजीकरण फॉर्म-6 के जरिए किया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों में जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र युवा मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रहे।
निर्वाचन विभाग ने शिक्षण संस्थानों से परिसर में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम, हेल्प डेस्क और पंजीकरण शिविर आयोजित करने का आग्रह किया है। साथ ही छात्रों को मतदान के महत्व के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सभी जिलों को पोस्टर, बैनर और डिजिटल प्रचार सामग्री भेजी गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स और यूट्यूब के जरिए भी युवाओं तक अभियान की जानकारी पहुंचाई जाएगी।
बैठक में उच्च शिक्षा निदेशक सुधीर बाड़ा, तकनीकी शिक्षा निदेशक जॉर्ज कुमार, अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार समेत विभिन्न जिलों के निर्वाचन पदाधिकारी, विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के प्राचार्य एवं निदेशक मौजूद रहे। निर्वाचन विभाग का लक्ष्य है कि राज्य का कोई भी पात्र युवा मतदाता मतदाता सूची से बाहर न रहे।

