

नरेंद्र कुमार
एक समय था जब नौकरी का मतलब होता था महीने की तयशुदा आय। अगर नौकरी सुरक्षित होती तो भविष्य भी सुरक्षित माना जाता। लेकिन आज का रोजगार बाजार पहले जैसा नहीं रहा। हर समय नौकरी पर एक खतरा मंडराता रहता है। ऐसा इसलिए कि तेजी से तकनीक बदल रही है। कंपनियों का ढांचा बदल रहा है। एआई तथा अन्य तेजी से बदल रही डिजिटल तकनीकों के कारण कंपनियों का कामकाज का तरीका बदल रहा है। ऐसे में केवल एक नौकरी में अच्छा प्रदर्शन करते रहना, सुरक्षा की गारंटी नहीं। कैरियर को मजबूत बनाने का एक तरीका यह भी है कि अपनी मुख्य नौकरी के साथ कोई ऐसा अतिरिक्त कौशल विकसित करें, जिससे जरूरत पड़ने पर कमाई का दूसरा रास्ता खुल सके। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर कोई एक नौकरी के साथ कोई दूसरा काम शुरू कर दे। असल विचार है अपनी विशेषज्ञता को ऐसी दूसरी उपयोगी क्षमता में बदलना, जिसका बाजार मूल्य हो।





मौजूदा विशेषज्ञता से ही दूसरी आय
अतिरिक्त आय की बात सुनते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में पार्ट-टाइम नौकरी या किसी छोटे-बड़े कारोबार का ख्याल आता है। लेकिन डिजिटल अर्थव्यवस्था ने अब अतिरिक्त आय के लिए दूसरे अनगिनत रास्ते खोल दिए हैं। मसलन अगर आप लिखना जानते हैं तो नौकरी के बाद या छुट्टी वाले दिन कंटेंट राइटिंग कर सकते हैं। किसी भाषा में अच्छी पकड़ बना लें, तो अनुवाद का काम कर सकते हैं। अगर किसी विषय में अच्छी समझ है और पढ़ाने में रुचि है, तो ऑनलाइन ट्यूशन पढ़ा सकते हैं, किसी कोर्स का प्रशिक्षण दे सकते हैं। अगर किसी भी क्षेत्र में वर्षों का अनुभव है, तो कंसल्टिंग या मेंटरिंग भी कर सकते हैं। यानी आपकी मौजूदा विशेषज्ञता से ही दूसरी आय हो सकती है।
वेबसाइटों के जरिये काम की तलाश
आमतौर पर लोग अपने में कोई अतिरिक्त हुनर नहीं विकसित करते बल्कि किसी भी काम को लेकर छूटते ही सबसे पहले पूछते हैं, ‘इससे कितने पैसे मिलेंगे?’ जबकि पूछना यह चाहिए, ‘मैं ऐसा क्या कर सकता हूं, जिसकी किसी को जरूरत हो और मेरी आय बढ़े।’ मान लीजिए किसी व्यक्ति को एक्सेल पर काम करना बहुत अच्छा आता है, तो उसे छोटे कारोबारों के लिए बिक्री, स्टॉक या खर्च प्रबंधन करने वाली शीट तैयार करना सीखना चाहिए, जिससे कि घर में एक-दो घंटा काम करने पर भी अतिरिक्त कमाई की जा सके। सैकड़ों ऐसी वेबसाइटें हैं, जो काम देती हैं और काम का भुगतान करती हैं, लेकिन कभी आपको उनसे मिलने-जुलने की जरूरत नहीं पड़ती। ये काम आप कहीं से और कभी भी लैपटॉप या स्मार्ट फोन के जरिये कर सकते हैं।
एआई मददगार, पर सीखना है जरूरी
एआई का इस्तेमाल करके रिसर्च, ड्रॉफ्टिंग, डेटा व्यवस्थित करने, प्रजेंटेशन बनाने, वीडियो स्क्रिप्ट तैयार करने और दोहराये जाने वाले कामों को आज की नई तकनीक बहुत तेजी से करना सिखा देती है। लेकिन आपको पहले एआई टूल चलाना तो सीखना पड़ेगा। फिर किसी मौजूदा कौशल में विशेषज्ञता हासिल करनी पड़ेगी। मसलन किसी शिक्षक के लिए एआई+शिक्षा का अर्थ हो सकता है, व्यक्तिगत अध्ययन सामग्री तैयार करना, जबकि इसी टूल का इस्तेमाल कोई मार्केटिंग पेशेवर मार्केटिंग कंटेंट को रिसर्च करने आदि में कर सकता है।
मूल नौकरी नहीं छोड़ें
अतिरिक्त आय का रास्ता बनाते समय कभी अपनी मूल नौकरी नहीं छोड़नी चाहिए। अतिरिक्त आय को हमेशा एक छोटे प्रयोग के तौरपर शुरू करना चाहिए। मान लीजिए आप सप्ताह के पांच दिनों में हर एक दिन, एक-एक घंटे का समय निकाल सकते हैं, तो इन पांच घंटों में ही अपना पहले तो कौशल विकसित करें और फिर इतने ही समय को ध्यान में रखकर अपने लिए अतिरिक्त काम जुटाएं। शुरुआत में कमाई कम होगी, लेकिन जैसे-जैसे आप अपने काम में माहिर होते जाएंगे, बाजार को समझना शुरू कर देंगे, वैसे-वैसे ग्राहक की अपेक्षा आपसे बढ़ जायेगी और आपको उसके पैसे भी ज्यादा मिलेंगे। कभी भी शुरुआत में 50 हजार रुपये महीना कमाने की न सोचें, पहले 5 हजार, फिर 10 हजार और फिर इससे ज्यादा का लक्ष्य बनाएं। ऐसा करेंगे तो अतिरिक्त आय का बहुत ठोस और बहुत आसानी से रास्ता ढूंढ़ लेंगे।
