रांची: जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में हुई धांधली और गड़बड़ी की जांच कर रही सीआईडी की एसआईटी को मिले नए इनपुट के अनुसार 100 से अधिक अभ्यर्थियों द्वारा गलत तरीके से परीक्षा पास करने की बात सामने आई है। इनमें से अब तक 10 सफल अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और उम्मीद जताई जा रही है कि अगले एक महीने में ऐसे कई अन्य अभ्यर्थियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। करीब दो महीने से चल रही इस जांच में अब तक कुल 36 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

जांच के दौरान मिल रहे इनपुट के आधार पर सीआईडी लगातार छापेमारी कर रही है। परीक्षा संचालन करने वाली एजेंसी आईसीएन के संचालक मिथिलेश सिंह की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में कई बड़े नामों के खुलासे की संभावना जताई जा रही है। सीआईडी आईसीएन के कर्मचारियों सोमांश और राहुल कुमार को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है तथा उन्हें दोबारा रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। उनसे मिली जानकारी के आधार पर सीआईडी गलत तरीके से सफल हुए अन्य अभ्यर्थियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
गलत तरीके से परीक्षा में सफलता हासिल करने के आरोप में अब तक टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी, उनकी पत्नी सुषमा कुमारी, भाई अक्षय तिवारी, दीपक कुमार, फूड इंस्पेक्टर संजय कुमार, समीर कुमार, आनंद कुमार सिंह, कुंदन कुमार, उमेश कुमार, विजय कुमार तिवारी, अजय कुमार और रामकृष्ण कुमार सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इसके अलावा अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर परीक्षा पास कराने के आरोप में छपरा के मनु कुमार सिंह, देवघर के सुधाकर यादव, पटना के राजन कुमार, दिलीप कुमार पासवान, कोडरमा के संदीप कुमार और राजेश प्रसाद यादव को भी गिरफ्तार किया गया है। ये सभी आरोपी मुख्य रूप से अभय तिवारी के सिंडिकेट से जुड़े हुए थे। गौरतलब है कि इससे पहले भी इस मामले में 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें अधिकतर पुलिस के जवान शामिल थे।


