रांची: राजधानी रांची में दुर्गा पूजा को लेकर उत्साह बढ़ने लगा है। शहर की प्रसिद्ध और ऐतिहासिक कल्पना लोक दुर्गा पूजा समिति इस बार अपने 57वें दुर्गा पूजा महोत्सव को खास बनाने में जुटी है। पिंजरा पोल गौशाला स्थित पूजा पंडाल को भव्य रूप दिया जा रहा है। मां भगवती के आकर्षक स्वरूप और सजे-धजे दरबार को देखने के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। इस मौके पर समिति ने विशेष पोस्टर का विमोचन किया और रांचीवासियों को सपरिवार पूजा में शामिल होने का निमंत्रण दिया।

16 अक्टूबर को राज्यपाल करेंगे पंडाल का उद्घाटन
समिति के सदस्यों के मुताबिक, इस साल पूजा पंडाल और मां दुर्गा का दरबार बेहद आकर्षक तरीके से सजाया जा रहा है। इसके निर्माण और सजावट में समिति के सभी सदस्य दिन-रात जुटे हुए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को भव्य और यादगार अनुभव मिल सके। पूजा महोत्सव की शुरुआत षष्ठी तिथि, शुक्रवार 16 अक्टूबर को होगी। शाम 6 बजे राज्यपाल संतोष गंगवार पूजा पंडाल का उद्घाटन करेंगे। वहीं, महाअष्टमी के अवसर पर रविवार 18 अक्टूबर को शाम 7 बजे भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान सैकड़ों महिलाएं एक साथ मां दुर्गा की आरती उतारेंगी। यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।
नौ दिनों तक पूजा-अर्चना और महाप्रसाद का वितरण
नवरात्र के दौरान पूरे नौ दिनों तक विधि-विधान के साथ मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जाएगी। मंदिर और पंडाल परिसर में भक्तिमय माहौल रहेगा। श्रद्धालुओं के बीच लगातार महाप्रसाद यानी भोग का वितरण भी किया जाएगा। आयोजन समिति ने रांची के सभी धर्मप्रेमी लोगों से अपील की है कि वे अपने परिवार के साथ पहुंचकर इस 57वें दुर्गा पूजा महोत्सव का हिस्सा बनें। समिति का कहना है कि लोगों की भागीदारी से आयोजन और भी भव्य बनेगा और श्रद्धालुओं को मां भगवती का आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
आयोजन की तैयारी में जुटे समिति के सदस्य
इस अवसर पर समिति के मुख्य संरक्षक दीपक बंका, अध्यक्ष शैलेन्द्र यादव, सचिव पवन मुरारका, मुख्य संयोजक सुमित सिंह, कोषाध्यक्ष समीर सागर और एकांश कुमार मौजूद रहे। इसके अलावा संरक्षक रोहित सिंह, मिनी सिंह, आलोक सिंह और विनय काबरा, उपाध्यक्ष दिवा शंकर ओझा और गौरव शर्मा सहित आशुतोष द्विवेदी, पंकज बंका, रवि कुमार तथा समिति के कई अन्य सदस्य भी उपस्थित थे। कल्पना लोक दुर्गा पूजा समिति का 57वां महोत्सव इस बार भव्य पंडाल, विशेष सजावट, महाआरती और नौ दिनों तक चलने वाले धार्मिक आयोजनों के कारण रांची के श्रद्धालुओं के लिए खास रहने वाला है।


