


कानपुर (उप्र): कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मनोचा की हत्या के मामले में पुलिस ने उनकी बहू को गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारी के अनुसार, मनोचा की बहू शालू पर अपने ससुर की हत्या की साजिश रचने और इसे अंजाम देने के लिए परिवार के पूर्व घरेलू कर्मचारी को छह लाख रुपये की कथित सुपारी देने का आरोप है। कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट के सी-104 फ्लैट में शनिवार रात मनोचा (60) की चाकू से हमलाकर कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी। घटना के समय उनका बेटा सुब्रत (35) और बहू शालू एक पार्टी में गए हुए थे।





पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि शुरुआती जांच में एक घरेलू कर्मचारी विशाल गौतम (30) और उसके एक अन्य साथी राज किशोर (30) का नाम सामने आया। सीसीटीवी फुटेज में सुब्रत के घर से निकलने के तुरंत बाद दोनों को अपार्टमेंट में प्रवेश करते देखा गया था। उन्होंने बताया कि इस मामले में रविवार को पुलिस मुठभेड़ के बाद विशाल और राज किशोर को गिरफ्तार कर लिया गया। लाल ने दावा किया, ‘‘पूछताछ के दौरान विशाल ने कथित तौर पर शालू का नाम लिया जिसने मनोचा की हत्या के लिए उन्हें सुपारी दी थी।’’
मनोचा अपने बेटे के साथ बिरहाना रोड पर ‘फार्मा ट्रेडर्स’ नाम से दवा का कारोबार था। पुलिस आयुक्त ने कहा कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि शालू ने कथित तौर पर अपने ससुर की हत्या के लिए विशाल को छह लाख रुपये दिए थे। लाल ने कहा, “अभी तक की जांच में सामने आया है कि मनोचा ने अपने बेटे और बहू के वित्तीय मामलों और उनकी गतिविधियों पर कड़ा नियंत्रण रखा हुआ था। उन्होंने परिवार पर नजर रखने के लिए घर में सीसीटीवी कैमरे भी लगवा रखे थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जांच में सामने आया कि सुब्रत को पिता के कारोबार में काम करने के लिए 35 हजार रुपये मासिक वेतन मिलता था, जबकि शालू को अपने खर्च के लिए कथित तौर पर केवल 10-12 हजार रुपये दिए जाते थे। दंपति घर में लगातार सीसीटीवी निगरानी से भी परेशान थी।” पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि शालू ने हत्या से करीब 20 दिन पहले विशाल से संपर्क किया था और उससे मनोचा की हत्या करने या उनकी मौत को दुर्घटना का रूप देने के लिए कहा था। उन्होंने कहा, ‘‘जब विशाल ने ऐसा करने से मना कर दिया तो शालू ने कथित तौर पर उसे सोते समय तकिये से दम घोंटने का सुझाव दिया, ताकि उनकी मौत को दिल का दौरा पड़ने का मामला बताया जा सके।’’
पुलिस के अनुसार, शालू ने हत्या के बाद विशाल को नौकरी देने का भी कथित तौर पर वादा किया था। पुलिस के मुताबिक, कुछ दिन पहले शालू ने विशाल को फ्लैट की चाबी दी थी तथा उसकी एक और चाबी बनवाने के लिए 1,200 रुपये दिए थे। लाल ने बताया कि बाद में शालू ने दूसरी चाबी विशाल को दे दी और उसे यह भी बताया कि परिवार कब घर से बाहर रहेगा। पुलिस ने कहा, ‘‘शालू ने अपार्टमेंट के सुरक्षाकर्मी से कथित तौर पर कहा-‘शिवम’ नाम का एक व्यक्ति ‘गजरा’ लेकर आएगा और उसे अंदर जाने दिया जाए।’’
अधिकारी ने कहा, ‘‘शनिवार रात शालू के अपने पति और बच्चे के साथ घर से निकलने के बाद विशाल और उसका कथित साथी राज किशोर फ्लैट में दाखिल हुए। दोनों कथित तौर पर शालू के शयनकक्ष में छिपकर विनीत मनोचा के लौटने का इंतजार करने लगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘रात 10 बजकर 58 मिनट पर मनोचा घर पहुंचे। कमरों की जांच करने और दरवाजों पर ताला लगाने के दौरान उन्होंने अपने बेटे के शयनकक्ष की लाइट जलाई और वहां दो लोगों को छिपा देखा।’’ पुलिस के अनुसार, मनोचा ने विशाल को पहचान लिया और उससे सवाल-जवाब करने लगे जिसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर उन पर हमला कर दिया।
पुलिस ने कहा कि विशाल ने मनोचा पर कथित रूप से कई बार चाकू से वार किए और दोनों वहां से भागने से पहले उनका गला रेत दिया। लाल ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और फोन ‘कॉल डिटेल’ से पुलिस को कथित साजिश की कड़ियां जोड़ने में मदद मिली। उन्होंने बताया कि हत्या वाले दिन और रात में शालू और विशाल के बीच 27 बार फोन पर बातचीत हुई थी। उन्होंने बताया कि शालू को सोमवार रात गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। इसके बाद उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। लाल ने बताया कि शालू के पति सुब्रत की भूमिका भी जांच के दायरे में है और पुलिस यह पता लगाने के लिए साक्ष्य जुटा रही है कि क्या सुब्रत को कथित साजिश की जानकारी थी या वह इसमें शामिल था। पुलिस आयुक्त ने कहा, “अगर उसकी संलिप्तता साबित होती है तो उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा।”
