आदिवासी युवती से मारपीट मामले में बड़ी कार्रवाई, कपाली ओपी प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड

सरायकेला-खरसावां में आदिवासी युवती से कथित मारपीट मामले में कपाली ओपी प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

Razi Ahmad
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Saraikela Kharsawan News : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र में एक आदिवासी युवती के साथ कथित मारपीट और बल प्रयोग के मामले में पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कपाली ओपी के तत्कालीन प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, 15 जून को कांदरबेड़ा पुनर्वास कॉलोनी की एक आदिवासी युवती के साथ कथित मारपीट और बल प्रयोग का मामला सामने आया था। घटना के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच आक्रोश फैल गया और निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई। मामले ने तूल पकड़ते ही पुलिस अधीक्षक ने इसकी जांच के आदेश जारी कर दिए।

पूरे प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) चांडिल को सौंपी गई। प्रारंभिक जांच के दौरान कपाली ओपी के तत्कालीन प्रभारी, एक सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) और एक महिला आरक्षी की भूमिका संदिग्ध पाई गई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कपाली ओपी के तत्कालीन प्रभारी धीरंजन कुमार, सहायक अवर निरीक्षक मोहम्मद मुकलेशुर रहमान और महिला आरक्षी कंचन को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निलंबन के साथ-साथ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई को पुलिस विभाग में जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आमतौर पर ऐसे मामलों में कार्रवाई की प्रक्रिया लंबी मानी जाती है, लेकिन इस मामले में प्रशासन ने अपेक्षाकृत तेजी दिखाते हुए प्रारंभिक जांच के आधार पर सख्त कदम उठाया है।

घटना के बाद आदिवासी संगठनों और स्थानीय लोगों की नजर अब आगे की जांच और कार्रवाई पर टिकी हुई है। संगठनों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके। वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।