

जमशेदपुर : सरायकेला-खरसावां जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच खरकई नदी का जलस्तर अब भी खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। हालांकि राहत की बात यह है कि नदी के जलस्तर में अब धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जा रही है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।





बाढ़ नियंत्रण कक्ष की बुधवार सुबह 10 बजे की रिपोर्ट के अनुसार, आदित्यपुर स्थित खरकई पुल के पास नदी का जलस्तर 132.60 मीटर दर्ज किया गया। खरकई नदी का खतरे का निशान 129 मीटर है। इस तरह नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 3.60 मीटर ऊपर है। वहीं, खरकई नदी का उच्चतम बाढ़ स्तर 139.85 मीटर बताया गया है।
लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पानी की निकासी के लिए गंजिया बैराज के सभी 15 गेट खोल दिए गए हैं। गंजिया हिस्से में जलस्तर करीब 136.00 मीटर दर्ज किया गया है। बैराज से लगभग 2924.54 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, गंजिया बैराज के जलस्तर में भी फिलहाल गिरावट दर्ज की जा रही है। इसके बावजूद आसपास के क्षेत्रों में जलस्तर की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
निचले इलाकों में रहने वालों को सतर्क रहने की अपील
बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के किनारे जाने से बचें और किसी भी तरह की जलस्तर वृद्धि की स्थिति में तत्काल सुरक्षित स्थान की ओर चले जाएं।
चीफ इंजीनियर कार्यालय की ओर से जारी जलस्तर रिपोर्ट की प्रति जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल खरकई नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, लेकिन जलस्तर में आई गिरावट को राहत के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। इसके बावजूद निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को पूरी तरह सतर्क रहने की जरूरत है।
