राजमिस्त्री की भूमिका में दिखे इंजीनियर श्रीदेव सिंह, सुर्खी चूने से दीवारों की जुड़ाई में आजमाया हाथ

खूंटी के मुरहू स्थित 75 साल पुरानी हेरिटेज कोठी का जीर्णोद्धार अंतिम चरण में है। पारंपरिक सुर्खी-चूना तकनीक से संवारी जा रही इस ऐतिहासिक धरोहर की पहचान लौटेगी।

Neeral Prakash
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सोशल मीडिया में शेयर किया दीवारों की चिनाई से जुड़ा अनुभव

रांची : खूंटी के मुरहू में स्थित 75 साल पुरानी ऐतिहासिक हेरिटेज कोठी के अच्छे दिन आने वाले हैं। कोठी के जीर्णोद्धार का काम तेजी से चल रहा है। रविवार को श्रीदेव सिंह ने इस भवन की जुड़ाई में हाथ आजमाया। उन्होंने सुर्खी चूने से बने मोर्टार से भवन की चिनाई की। पेशे से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर श्रीदेव सिंह खाली समय में भवन बनाने की इस पुरानी पद्धति को आजमाते दिखे।

उन्होंने सोशल मीडिया में लिखा कि भवन बनाने की इस पुरानी तकनीक को आजमाना एक सुखकर अनुभव है। सूर्खी चूने से भवन बनाने की यह कारीगरी अब मृतप्राय है और इस तकनीक को जाननेवाले अब कम लोग बने हैं। कोठी को संवारनेवाली टीम में अनुभवी कारीगर शामिल हैं।

गौरतलब है कि मूरहू के दुर्री में स्थित इस कोलोनियल पीरियड की कोठी को संवारने में अब सिर्फ 15 दिन का वक्त लगेगा और इसमें करीब 13 लाख रुपये खर्च होंगे। कोठी की दीवारें 15 से 18 इंच मोटी हैं। इस कोलोनियल पीरियड की कोठी की किस्मत बदलने में जुटे श्रीदेव सिंह ने बताया कि इस कोठी के पहले मालिक कोलकाता के बिजनेसमैन एमआर अरातून थे। उनका यहां लाह का बिजनेस था, इसलिए उन्होंने अपने रहने के लिए यह कोठी बनायी थी। बाद में यह कोठी और कई हाथों से गुजरते हुए रांची के एक नामी बिजनेसमैन के पास आ गयी। उन्होंने कोठी की हालत देखी तो इसका रेनोवेशन करने का विचार आया। उन्होंने इसके लिए मुझसे संपर्क किया और हमने इसे संवारने का मन बना लिया।

श्रीदेव सिंह ने बताया कि कोठी कोलोनियल पीरियड यानि अंग्रेजों के जमाने की है। इसे कोलकाता से आये कारीगरों से बनाया था। इस कोठी में चार बड़े कमरे, एक बड़ा हॉल और किचन तथा लैट्रिन बाथरुम हैं। कोठी में पुराने जमाने के फर्नीचर भी हैं। चूंकि लंबे समय से कोठी की देखभाल नहीं हुई थी इसलिए इसकी छत में क्रैक आ गया है। उससे बारिश के दिनों में पानी टपकने लगता है इसलिए इसमें मुख्य काम छत को ही ठीक करना होगा। कोठी बनाने में कोलोनियल आर्किटेक्चर का यूज किया गया है। कोठी का रेनोवेशन श्रीदेव सिंह की फर्म प्रोजेक्शल हेरिटेज कर रही है।

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नीरल प्रकाश के पास पत्रकारिता में 2 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने एंकरिंग, रिपोर्टिंग और स्क्रिप्ट राइटिंग में काम किया है। पिछले 2 सालों से वे IDTV इंद्रधनुष के साथ काम कर रही हैं, जहां उन्होंने ऑन-एयर प्रस्तुतिकरण के साथ-साथ बैकएंड कंटेंट क्रिएशन में भी योगदान दिया। समाचार रिपोर्टिंग के अलावा, उन्होंने आकर्षक स्क्रिप्ट तैयार करने और कहानी को पेश करने का अनुभव भी प्राप्त किया है।