
रांची : राजधानी का विधानसभा मैदान रविवार को उस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना, जब हजारों की संख्या में जुटे क्षत्रिय समाज ने अपने स्वाभिमान, परंपरा और संगठन की शक्ति का प्रदर्शन किया। “क्षत्रिय गौरव एकता समागम” में समाज के युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और बुद्धिजीवियों की अभूतपूर्व भागीदारी ने पूरे वातावरण को राजपुताना शौर्य, तेज और गौरव के जयघोष से गुंजायमान कर दिया।
इस दौरान पूरा मैदान लगातार गूंजते नारों
“क्षत्रिय एकता अमर रहे”, “राजपुताना स्वाभिमान अमर रहे”, “हर-हर महादेव”, “जय भवानी-जय राजपूताना”—से गुंजायमान हो उठा।
यह समागम केवल एक सभा नहीं, बल्कि संगठन, अस्मिता और स्वाभिमान का विराट शक्ति प्रदर्शन बनकर सामने आया।
इस अवसर पर देश और प्रदेश के कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों ने मंच साझा करते हुए समाज की एकता, राजनीतिक जागरूकता और भविष्य की दिशा पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता बृज भूषण शरण सिंह (उत्तर प्रदेश के कैसरगंज के पूर्व सांसद और राष्ट्रीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष) ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि क्षत्रिय समाज केवल तलवार का प्रतीक नहीं बल्कि राष्ट्र, धर्म और संस्कृति की रक्षा का सनातन प्रहरी रहा है। इतिहास साक्षी है कि जब-जब देश पर संकट आया, क्षत्रिय समाज ने अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर बलिदान और नेतृत्व का परिचय दिया है। आज आवश्यकता है कि युवा शिक्षा, संगठन और राजनीतिक जागरूकता के माध्यम से समाज को और सशक्त बनाएं।

क्षत्रिय गौरव एकता समागम में लगे क्षत्रिय एकता अमर रहे के नारे
कार्यक्रम में बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि भारत के इतिहास में क्षत्रिय समाज ने सदैव राष्ट्र की रक्षा, समाज के नेतृत्व और संस्कृति की मर्यादा की रक्षा की जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने कहा कि आज का समय संगठित होने का है। जब समाज एकजुट होता है, तब उसकी पहचान और अधिकार दोनों सुरक्षित रहते हैं। युवाओं को राजनीति और सामाजिक नेतृत्व में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
वहीं, शिवहर की सांसद लवली आनंद ने कहा कि किसी भी समाज की असली शक्ति उसकी एकता और संस्कार होते हैं। जब समाज की बेटियां और युवा आगे बढ़ते हैं तो समाज की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। नई पीढ़ी को शिक्षा और नेतृत्व के अवसर देकर आगे बढ़ाना होगा। इसी तरह धनबाद के नवनिर्वाचित मेयर संजीव सिंह ने कहा कि यह समागम समाज को एक मंच पर जोड़ने वाला ऐतिहासिक प्रयास है।

उन्होंने कहा-समाज को आपसी मतभेद भुलाकर शिक्षा, विकास और सामाजिक समरसता की दिशा में आगे बढ़ना होगा। जब समाज संगठित होता है, तो उसकी पहचान और शक्ति दोनों बढ़ती हैं। चतरा के पूर्व सांसद सुनील कुमार सिंह ने अपने जोशीले संबोधन में कहा कि क्षत्रिय समाज की असली ताकत उसकी एकता और स्वाभिमान है। उन्होंने कहा—हमारा इतिहास बलिदान और पराक्रम से भरा है। आज जरूरत है कि हम उस विरासत को याद करते हुए समाज को संगठित करें और नई पीढ़ी को नेतृत्व के लिए तैयार करें। जब क्षत्रिय समाज एकजुट होकर खड़ा होता है तो उसकी आवाज सत्ता और समाज दोनों तक मजबूती से पहुंचती है। वहीं, धनबाद के पूर्व सांसद पी. एन. सिंह ने कहा कि क्षत्रिय समाज का इतिहास केवल गौरवशाली ही नहीं बल्कि प्रेरणादायी भी है। आज के समय में शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और संगठन ही वह शक्ति है जो समाज को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है। हमें अपने युवाओं को सकारात्मक नेतृत्व के लिए तैयार करना होगा।” कार्यक्रम में झारखंड के वरिष्ठ नेता गिरिनाथ सिंह ने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब समाज एकजुट होता है तो वह बड़े से बड़ा परिवर्तन कर सकता है।
उन्होंने कहा-क्षत्रिय समाज का गौरवशाली इतिहास हमें प्रेरित करता है कि हम अपनी परंपराओं, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा करते हुए समाज को संगठित रखें। एकजुट समाज ही इतिहास रचता है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झारखंड के पूर्व एमएलसी प्रवीण सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता अंशुमान आनंद तथा भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संजय सिंह ने कहा कि आज समाज के सामने सबसे बड़ी आवश्यकता एकता, संगठन और जागरूकता की है। उन्होंने युवाओं से समाज की परंपरा और स्वाभिमान को आगे बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
हजारों की भीड़ ने दिया क्षत्रिय एकता का ऐतिहासिक संदेश
समागम में उमड़ी हजारों की भीड़ ने यह स्पष्ट कर दिया कि क्षत्रिय समाज अपनी पहचान, परंपरा और स्वाभिमान के प्रति पूरी तरह सजग और संगठित है। पूरा मैदान राजपुताना जोश, उत्साह और गौरव के वातावरण से भरा रहा। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा के कार्यकारिणी सदस्य डॉ संजय सिंह, करणी सेना झारखंड के प्रदेश महामंत्री सह प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ. धीरज सिंह “सूर्यवंशी” उर्फ बिनु सिंह, सूर्यभान सिंह, अमरेंद्र सिंह, सत्य नारायण सिंह, संतोष सिंह, निपु सिंह, अभिनाश सिंह, प्रियांशु सिंह, महावीर सिंह, देवराज सिंह, राकेश सिंह, बिनोद सिंह, रंजन सिंह, रामेश्वर दयाल सिंह, दिलीप सिंह,संजीत सिंह,श्याम किशोर सिंह सहित समाज के हजारों गणमान्य लोग उपस्थित थे।

