लद्दाख में 56 करोड़ की लागत से बनेंगे चेक डैम, किसानों की होगी बल्ले-बल्ले

लद्दाख में जल सुरक्षा और कृषि को बढ़ावा देने के लिए 56 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 36 चेक डैम बनाए जा रहे हैं, जिससे सिंचाई सुविधा बढ़ेगी

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जम्मू : केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में जल-सुरक्षा, कृषि को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश की नदियों में 56 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 36 चेक डैम बनाए जा रहे हैं। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के निर्देशों पर हो रही इस महत्वपूर्ण पहल बर्फ व ग्लेशियरों के पिघलने से प्राप्त पानी का संरक्षण कर इससे लंबे समय तक इसे जल व कृषि सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रशासन द्ववारा बनाए गए प्रस्ताव के तहत लेह में सिंधु नदी पर 7 राक चेक डैम व कारगिल में सुरू नदी पर 29 आरसीसी चेक डैम बनाए जाने हैं। इन संरचनाओं से नदी के बहाव को नियंत्रित कर पानी का भंडारण किया जाएगा व उसे विभिन्न क्षेत्रों में सिंचाई के लिए उपलब्ध करवाया जाएगा। कारगिल क्षेत्र में प्रस्तावित 29 चेक डैम वहां की कृषि आवश्यकताओं व भीर जल संकट को देखते हुए बनाए जा रहे हैं। हाल की कारगिल यात्रा के दौरान ग्रामीणों ने उपराज्यपाल को पानी की कमी व खेतों की सिंचाई से जुड़ी समस्याओं के बारे में विस्तार से बताया था।

जल का एक प्रतिशत से भी कम हिस्सा उपयोग में

उपराज्यपाल का कहना है कि प्रस्तावित 36 चेक डैम, प्रदेश में 18,600 एकड़ से अधिक कृषि भूमि की सिंचाई संभव करेंगे। लद्दाख में बर्फ व ग्लेशियर से मिलने वाले विशाल अनियंत्रित जल प्रवाह का उपयोग बढ़ाया जा रहा है। वर्तमान में इस जल का एक प्रतिशत से भी कम हिस्सा उपयोग में आ रहा है। उन्होंने बताया कि यह पहल पांच पायलट राक चेक डैम की सफलता पर आधारित है। इन पायलट परियोजनाओं में 30 मिलियन लीटर तक पानी सुरक्षित रूप से संग्रहित करने की क्षमता सामने आई है। ये संरचनाएं मौसमी नदी के तेज दबाव को सहन करने के साथ-साथ खेती योग्य कमांड क्षेत्र में 30 प्रतिशत तक वृद्धि करने में भी सफल रही हैं।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।