

- जंगल बचाने के साथ ग्रामीणों को रोजगार से जोड़ने पर जोर, बढ़ते जलस्तर को लेकर सख्त जागरूकता
Mahuadanr : महुआडांड़ झारखंड के प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थलों में शुमार लोध फॉल परिसर में वन संरक्षण, पर्यटन सुरक्षा, सौंदर्यीकरण और ग्रामीणों को रोजगार से जोड़ने को लेकर महत्वपूर्ण जागरूकता बैठक हुई।




उप निदेशक कुमार आशीष के दिशा-निर्देश में आयोजित बैठक में वन विभाग ने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक धरोहर की सुरक्षा के साथ स्थानीय ग्रामीणों की भागीदारी और आजीविका को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
बैठक में आरएफओ उमेश कुमार दुबे, प्रभारी वनपाल ओम प्रकाश पाल, वनरक्षी अजीत पॉल एक्का, चटकपुर मुखिया रेखा नगेसिया एवं ग्राम प्रधान अरुण नगेसिया सहित ग्रामीण मौजूद रहे।
वन विभाग ने जंगल में अवैध कटाई, आगजनी और वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए ग्रामीणों से सक्रिय सहयोग की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि जंगल सुरक्षित रहेगा तो जलस्रोत, पर्यावरण और पर्यटन—तीनों सुरक्षित रहेंगे।
जलस्तर बढ़ा, सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता
बारिश के कारण लोध फॉल में जलस्तर बढ़ने को देखते हुए पर्यटकों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। लोगों को तेज बहाव वाले पानी और जोखिम वाले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेते समय सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी हालत में नहीं होनी चाहिए।
क्या कहते है आरएफओ उमेश कुमार दुबे
आरएफओ उमेश कुमार दुबे ने कहा, लोध फॉल और आसपास का जंगल हमारी प्राकृतिक संपदा है। इसे सुरक्षित रखना विभाग के साथ ग्रामीणों की भी जिम्मेदारी है। हमारा लक्ष्य संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों को पर्यटन और वन आधारित गतिविधियों से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।”
ग्राम प्रधान अरुण नगेसिया ने दिया सहयोग का भरोसा
ग्राम प्रधान अरुण नगेसिया ने कहा, लोध फॉल हमारे क्षेत्र की पहचान है। ग्रामीण वन विभाग के साथ मिलकर जंगल और पर्यटन स्थल की सुरक्षा करेंगे। जंगल बचेगा तो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति भी बचेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।बैठक में ग्रामीणों ने भी अपने सुझाव रखे। वन विभाग ने भरोसा दिलाया कि वन संरक्षण, पर्यटक सुरक्षा, लोध फॉल के सौंदर्यीकरण और ग्रामीण रोजगार को साथ लेकर ठोस प्रयास आगे बढ़ाए जाएंगे।

