
लोहरदगा: जिले के कुड़ू प्रखंड अंतर्गत सलगी पंचायत के रोचो बरवाटोली गांव ने बागवानी के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। यहां जैविक पद्धति से उत्पादित ग्रेड-ए आम्रपाली आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बना रहा है। गांव के किसानों की ओर से तैयार किए गए उच्च गुणवत्ता वाले आमों की मांग दुबई और इटली जैसे देशों में बढ़ी है।
रविवार को डीसी संदीप कुमार मीना ने डेढ़ मीट्रिक टन ग्रेड-ए आम्रपाली आम की खेप को हरी झंडी दिखाकर कोलकाता के लिए रवाना किया। कोलकाता से इन आमों को समुद्री मार्ग के जरिए दुबई और इटली भेजा जाएगा।
यह निर्यात प्रक्रिया कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के सहयोग से संपन्न हो रही है। इस उपलब्धि को जिले के किसानों की मेहनत, आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग और जैविक खेती के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का परिणाम माना जा रहा है।
उपायुक्त ने कहा कि लोहरदगा जिले में कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। रोचो बरवाटोली के किसानों ने गुणवत्तापूर्ण उत्पादन कर यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों के किसान भी वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना सकते हैं। उन्होंने किसानों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जिला प्रशासन किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादों के बेहतर विपणन के लिए लगातार प्रयासरत है।
25 एकड़ में हो रही आम की खेती
रोचो बरवाटोली गांव में लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में आम की बागवानी की जा रही है। यहां मुख्य रूप से आम्रपाली किस्म के आम लगाए गए हैं, जबकि कुछ हिस्सों में मल्लिका किस्म की भी खेती हो रही है। गांव के 32 परिवार इस बागवानी गतिविधि से जुड़े हैं, जिससे उनकी आजीविका को नई मजबूती मिली है।
बिरसा हरित ग्राम योजना से मिली नई उड़ान
मनरेगा के तहत संचालित बिरसा हरित ग्राम योजना जिले के आम उत्पादक किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक जिले में 6,306 एकड़ क्षेत्र में आम के बाग लगाए गए हैं, जिससे 7,288 किसान लाभान्वित हुए हैं।
वर्तमान में 1,780 एकड़ क्षेत्र फलधारण अवस्था में है और वर्ष 2026-27 में लगभग 2,588 मीट्रिक टन आम उत्पादन का अनुमान है। आम्रपाली, मल्लिका, हिमसागर और लंगड़ा किस्म के आमों की मार्केटिंग के लिए झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी द्वारा दीदी किचन कैंपस समेत अन्य माध्यमों से 4,483 किलोग्राम आम की बिक्री की जा चुकी है।
किसानों के समन्वय से मिली सफलता
जिला प्रशासन की पहल पर गांव में आम बागवानी का क्रियान्वयन किया गया, जिसमें तकनीकी सहयोग प्रदान संस्था द्वारा उपलब्ध कराया गया। किसानों को नियमित प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और उत्पादन प्रबंधन में सहयोग दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप यहां उत्पादित आम अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरे उतर रहे हैं।
इस अवसर पर पीडी आईटीडीए सुषमा नीलम सोरेंग, सेनेम निरेम फार्मर्स उत्पादक समूह के सदस्य, प्रदान संस्था की टीम तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

