वन माफिया पर बड़ी कार्रवाई: 5 लाख की अवैध साल लकड़ी के साथ ट्रक जब्त, चालक और तस्कर फरार

रेंजर ललन उरांव ने कहा कि जंगल लूटने वालों पर विभाग की नज़र लगातार बनी हुई है। यह कार्रवाई तस्करों को कड़ा संदेश देने का एक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही अन्य माफियाओं की भी पहचान कर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।

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Major action against forest mafia: झारखंड के जंगलों में चल रही अवैध लकड़ी तस्करी का पर्दाफाश करते हुए सोंगरा-केरा वन विभाग की टीम ने एक भारी भरकम ट्रक जब्त किया है, जिसमें लगभग 5 लाख रुपये की साल की लकड़ी लदी थी। ट्रक को पकड़ने के लिए विभाग ने 8 किलोमीटर तक पीछा किया, लेकिन चालक और माफिया मौके से फरार हो गए। ट्रक के चेसिस नंबर से मालिक की तलाश की जा रही है।

गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई, आधी रात में बना प्लान

सोंगरा-केरा वन क्षेत्र के रेंजर ललन उरांव को गुप्त सूचना मिली थी कि बंदगांव थाना क्षेत्र में अवैध लकड़ी की ढुलाई हो रही है। सूचना पाकर 3 अप्रैल की रात ही एक टीम गठित की गई। 4 अप्रैल की भोर में टीम ने सोंगरा पंचायत के हेसाडीह गांव में छापा मारा, जहां एक ट्रक (JH02A 3261) में लकड़ी चढ़ाई जा रही थी।

ट्रक लेकर भागे तस्कर, 8 किलोमीटर पीछा कर पकड़ा वाहन

जैसे ही वन विभाग की गाड़ी दिखाई दी, लकड़ी माफिया, ट्रक चालक और खलासी ट्रक लेकर फरार हो गए। टीम ने उनका पीछा किया और करीब 8 किलोमीटर बाद वे ट्रक छोड़कर जंगल की ओर भाग निकले। ट्रक की जांच में 50 से ज्यादा साल के बोटे बरामद हुए।

मामला दर्ज, मालिक की तलाश जारी

वन विभाग ने लकड़ी समेत ट्रक को चक्रधरपुर कार्यालय लाकर जब्त कर लिया है। जब्त की गई लकड़ी की अनुमानित कीमत 5 लाख रुपये है। ट्रक के नंबर और चेसिस डिटेल्स के आधार पर हजारीबाग निवासी ट्रक मालिक की पहचान की जा रही है। वहीं, चालक व अज्ञात माफियाओं के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।

रेंजर बोले- जंगल माफियाओं पर कार्रवाई और तेज़ की जाएगी

रेंजर ललन उरांव ने कहा कि जंगल लूटने वालों पर विभाग की नज़र लगातार बनी हुई है। यह कार्रवाई तस्करों को कड़ा संदेश देने का एक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही अन्य माफियाओं की भी पहचान कर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।

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