चुनाव आयोग ने भाजपा विधायक सहित 27 समर्थकों पर COVID नियमों के उल्लंघन मामले में दर्ज किया केस

News Aroma Media
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मुजफ्फरनगर: चुनाव आयोग ने आदर्श चुनाव आचार संहिता को लेकर कड़ा रुख अपना लिया है।

उत्तर प्रदेश की पुरकाजी विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक प्रमोद उतवल और उनके 27 समर्थकों के खिलाफ चुनाव आचार संहिता और कोविड संबंधी नियमों का उल्लंघन करने का मामला दर्ज किया गया है।

अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस में दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आने के बाद की गई जिसमें मेघना चंदन गांव में कथित तौर पर उनकी जनसभा के दौरान ‘खिचड़ी’ वितरण होता दिख रहा है।

पुरकाजी पुलिस थाने के उप-निरीक्षक लोकेश सिंह ने कहा कि विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (भादंसं), आपदा प्रबंधन अधिनियम और महामारी रोग अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत शनिवार शाम को मामला दर्ज किया गया।

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 10 फरवरी से 7 मार्च के बीच सात चरणों में होंगे। मतों की गिनती 10 मार्च को होगी।

निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रचार के डिजिटल और ऑनलाइन तरीकों पर जोर देते हुए पांच राज्यों में चुनावों की घोषणा करते हुए कोविड चिंताओं के मद्देनजर भौतिक रैलियों और रोड शो पर प्रतिबंध लगा दिया है।

सदर विधानसभा से उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की मां आशा सिंह को कांग्रेस से प्रत्याशी बनाए जाने के बाद शनिवार को कुलदीप सिंह सेंगर की बेटी ऐश्वर्या ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया।

वीडीओ में वह कह रही है कि लड़की हूं सच सबके सामने लाने के लिए मैं भी लड़ सकती हूं। टिकट वितरण पर कहा कि प्रियंका गांधी का यह कदम राजनीति दृष्टिकोण से सही हो सकता है, लेकिन नैतिकता का धर्म उन्हें कभी माफ नहीं करेंगा।

जिन मां-बेटी को टिकट दिया गया है उन पर कई गंभीर धाराओं में मुकदमें दर्ज है। जब मेरी मां को टिकट मिला था तब तो आपके द्वारा सारी धर्म अधर्म की बाते की गई थी।

ऐश्वर्या ने आगे कहा कि मैं आज भी कहती हूं कि मेरे पिता के खिलाफ एक भी सबूत है तो मेरे पूरे परिवार को फांसी की सजा सुना दी जाए। एक परिवार को जो बर्बाद कर दे ऐसी राजनीति मेरा उन्नाव स्वीकार नहीं करेगा।

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