रैगिंग के खिलाफ कार्रवाई : नालंदा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस का सीनियर बैच तीन महीने के लिए सस्पेंड

नालंदा मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के आरोपों से विवाद गहराया, 2025 बैच के छात्रों पर तीन महीने का निलंबन, छात्रावास खाली करने का आदेश और एनएमसी ने जांच के निर्देश दिए।

Neeral Prakash
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पटना : नालंदा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस वर्ष 2026 में नामांकित छात्र-छात्राओं के साथ वर्ष 2025 के विद्यार्थियों की ओर से तथाकथित रैगिंग किए जाने के आरोप में पूरे बैच को तीन महीनों के लिए कक्षा से निलंबित करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है।

मामले में कॉलेज के छात्रावास में रहने वाली वर्ष 2023-24 की छात्राओं पर भी कार्रवाई की गई है। आरोप के घेरे में आए सभी विद्यार्थियों को 24 घंटे में छात्रावास खाली करने का भी आदेश दिया गया है। इस फैसले के खिलाफ गुरुवार को कॉलेज में गहमा-गहमी बढ़ी रही।

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी), ऑल इंडिया एंटी रैगिंग कमेटी और बिहार ग्रीवांस सेल तक पहुंचे रूलबुक-2026 के पीडीएफ में सीनियर छात्र-छात्राओं को बास-मैम कह कर संबोधित करने, उनके सामने विशेष मुद्रा में खड़े रहने, उनकी आंखों में सीधे नहीं देखने, सीनियर और शिक्षकों से बहस न करने जैसे निर्देश शामिल हैं।

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने रूलबुक-2026 के पीडीएफ की जांच कराने, पीडीएफ कॉलेज परिसर, छात्रावास, विद्यार्थियों के समूह या अन्य माध्यमों से प्रसारित हुई, यदि हां तो पीडीएफ के निर्माण और प्रसार के स्रोत की जांच करने को कहा है। आयोग ने यह भी पूछा है कि कॉलेज में रैगिंग रोकने के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए, विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या व्यवस्था की गयी, एंटी रैगिंग स्क्वाड, शिकायत निवारण व्यवस्था तथा विद्यार्थियों को रैगिंग के विरुद्ध जागरूक करने के लिए क्या कदम उठाए गए, अब तक कॉलेज को रैगिंग की कितनी शिकायतें प्राप्त हुई, उन पर क्या कार्रवाई की गई।

उधर, नालंदा मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या प्रो. डॉ. उषा कुमारी ने बताया कि रैगिंग से जुड़ी शिकायतों के आलोक में गुरुवार को वर्ष 2023, 2024 एवं 2025 की छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। शुक्रवार को आरोपित बैच 2025 के सभी छात्रों को बुलाया गया है। सभी का पक्ष सुनने के बाद प्राप्त शिकायतों की सत्यता की जांच करते हुए सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी बेकसूर विद्यार्थी को किसी तरह का नुकसान न हो।

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नीरल प्रकाश के पास पत्रकारिता में 2 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने एंकरिंग, रिपोर्टिंग और स्क्रिप्ट राइटिंग में काम किया है। पिछले 2 सालों से वे IDTV इंद्रधनुष के साथ काम कर रही हैं, जहां उन्होंने ऑन-एयर प्रस्तुतिकरण के साथ-साथ बैकएंड कंटेंट क्रिएशन में भी योगदान दिया। समाचार रिपोर्टिंग के अलावा, उन्होंने आकर्षक स्क्रिप्ट तैयार करने और कहानी को पेश करने का अनुभव भी प्राप्त किया है।