महामारी के दौरान चुनाव पर लगनी चाहिए थी रोक, 60 फीसदी लोगों की राय

नई दिल्ली: एबीपी-सी वोटर मोदी 2.0 रिपोर्ट कार्ड में दावा किया गया है कि लगभग 60 प्रतिशत लोगों का मानना है कि केंद्र को महामारी की दूसरी लहर के मद्देनजर पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव और उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों को स्थगित कर देना चाहिए था।

एबीपी-सी वोटर स्नैप पोल में पाया गया कि शहरी इलाकों में कुल 61.8 फीसदी लोगों ने कहा है कि चुनाव को टाल दिया जाना चाहिए था। ठीक इसी तरह से ग्रामीण इलाकों में कुल 60.3 फीसदी लोगों का कहना रहा कि इसे टाल दिया जाना चाहिए था।

शहरी क्षेत्रों में केवल लगभग 27.8 प्रतिशत ने कहा कि मतदान में देरी करने की कोई आवश्यकता नहीं है। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों के 28 फीसदी लोगों ने इसके लिए हांमी भरी।

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बाकी लोगों ने कहा कि वे यह तय नहीं कर सकते हैं कि चुनाव कराने का सरकार का फैसला सही था या नहीं।

यह सर्वेक्षण 23 मई से 27 मई, 2021 के बीच देश भर में 12,070 उत्तरदाताओं के बीच किया गया था।

राज्यों में आयोजित हुए विधानसभा चुनावों के चलते कोरोना के मामलों में भारी वृद्धि देखने को मिली।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में 6 अप्रैल को मतदान हुआ था, जबकि पश्चिम बंगाल में 27 मार्च से 29 अप्रैल तक आठ चरणों में मतदान हुआ था और असम में 27 मार्च से 6 अप्रैल तक तीन चरणों में मतदान हुआ था।

उत्तर प्रदेश पंचायत, ब्लॉक और जिला पंचायत के चुनाव चार चरणों में 15 अप्रैल से हुए। पहले चरण का मतदान 15 अप्रैल को, दूसरे चरण का 19 अप्रैल को, तीसरे चरण का 26 अप्रैल को और चौथा चरण 29 अप्रैल को हुआ।

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