कमल नाथ ने राज्यपाल को बताया अजजा-अजा वर्ग का हाल

भोपाल: मध्य प्रदेश के नवनियुक्त राज्यपाल मंगू भाई छगन भाई पटेल से पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने राजभवन में सौजन्य मुलाकात की और राज्य की स्थिति पर चर्चा की।

कमल नाथ ने राज्य में अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के लोगों के सुरक्षित न होने की बात कही है।

राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात करने के बाद कमल नाथ ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि मैंने राज्यपाल को अवगत कराया है कि अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के लोग मध्य प्रदेश में आज सुरक्षित नहीं हैं। जितनी घटनाएं हुई हैं प्रदेश में, उतनी देश के इतिहास में नहीं हुईं?

उन्होंने आगे बताया कि, राज्यपाल को ट्राइबल क्षेत्र में काम करने का लंबा अनुभव है। समाजसेवा का कार्य किया है। आपकी प्राथमिकता व प्रयास से यह वर्ग सुरक्षित रहे ऐसी अपेक्षा है। प्रदेश में इतनी बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के लोग हैं, जितने देश में कहीं नहीं है।

कमल नाथ ने आगे बताया कि मैंने उन्हें यह भी अवगत कराया कि आज प्रदेश का हर वर्ग परेशान है, किसान परेशान है, छोटा व्यापारी परेशान है, नौजवान बेरोजगार हैं, बेरोजगारी घटी नहीं बल्कि बढ़ रही है, हमारी अर्थव्यवस्था चौपट है, आर्थिक गतिविधि समाप्त हो चुकी है।

अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को लेकर कमलनाथ ने कहा कि, ओबीसी आरक्षण को लेकर हमने कदम उठाया था, नीति बनाई थी उसे शिवराज सरकार सरकार लागू करे। वहीं जनता गवाह है कि प्रदेश कहां है और कहां जा रहा है ?

राजनीतिक सक्रियता को लेकर पूछे गए सवाल पर कमल नाथ ने कहा मैं 11 दिन अस्पताल में था, मुझे निमोनिया हो गया था ,अब पूरी तरह से स्वस्थ हूं। अब मैं पूरे प्रदेश का दौरा करूंगा। उपचुनाव को लेकर हम सभी से चर्चा कर रहे हैं, मैं रोज बैठकें कर ले रहा हूं, समय आने पर हम अपने प्रत्याशी घोषित करेंगे।

ज्योतिरादित्य सिंधिया को मोदी कैबिनेट में जगह मिलने के सवाल पर कमलनाथ ने कहा कि, यह भाजपा और सिंधिया के बीच का फैसला है। अब देखते हैं आगे गाड़ी कैसे चलती है ?

राज्य में वर्ष 2023 में विधानसभा के चुनाव हैं, इसको लेकर पूछे गए सवाल पर कमल नाथ ने कहा कि, मुझे मध्य प्रदेश के मतदाताओं पर पूरा भरोसा है। मध्यप्रदेश की जनता सबसे पहले सच्चाई का साथ देगी।

महंगाई के सवाल पर कहा कि आज महंगाई की कोई सीमा नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी कितने लंबे-लंबे भाषण देते थे।

2013-2014 के उनके भाषण, घोषणाएं, स्लोगन देख लीजिये जो उन्होंने दिये थे, स्टैंडअप इंडिया, डिजिटल इंडिया आज कहां है, किधर है? पर अब अच्छे लग रहे हैं दाढ़ी बढ़ा ली है।

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