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पहली बार मोदी कैबिनेट में शिवराज सिंह चौहान की एंट्री

मध्य प्रदेश में 'मामा' के नाम से लोकप्रिय पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) को भी मोदी सरकार 3। 0 में जगह दी गई है और वो केंद्र में मंत्री बन गए हैं।

Shivraj Singh Chauhan’s entry in Modi cabinet : मध्य प्रदेश में ‘मामा’ के नाम से लोकप्रिय पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) को भी मोदी सरकार 3। 0 में जगह दी गई है और वो केंद्र में मंत्री बन गए हैं।

उन्होंने राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में पद और गोपनीयता की शपथ ली है। साल 1990 में पहली बार बुधनी से चुनाव जीतकर विधायक बने शिवराज सिंह चौहान BJP के कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं।

उन्होंने नब्बे के दशक में अखिल भारतीय केशरिया वाहिनी के संयोजक के रूप में अपने राजनीतिक करियर का आगाज किया था।

जीत की हैट्रिक के बाद

CM बने थे शिवराज हालांकि इसके अगले साल ही 2005 में उनकी किस्मत चमक गई और BJP की तरफ से उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए चुन लिया गया।

इसके बाद साल 2006 में उन्होंने बुधनी विधानसभा क्षेत्र से उपचुनाव लड़ा, और अपनी पुरानी सीट पर 36,000 से अधिक मतों के अंतर से चुनाव जीत गए। 2008 में, चौहान ने 41,000 से अधिक वोटों से अपनी बुधनी सीट बरकरार रखी और इसके साथ ही, राज्य में BJP को लगातार दूसरी बार जीत दिलाई।

12 दिसंबर 2008 को उन्होंने दूसरी बार सीएम पद की शपथ ली। 8 दिसंबर 2013 को चौहान ने फिर से विधानसभा चुनाव जीता और उन्हें तीसरी बार CM पद के लिए चुना गया।

12 दिसंबर 2018 को मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में बहुमत हासिल करने में विफल रहने के बाद, चौहान ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया जिसके बाद एक बार फिर 23 मार्च 2020 को उन्होंने चौथी बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

दिसंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में BJP की बड़ी जीत के बाद भी शिवराज सिंह को राज्य का मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया और केंद्र ने मोहन यादव को मौका दिया।

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