

नेतरहाट: सरकार गांव-गांव तक पक्की सड़क पहुंचाने और ग्रामीण इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का दावा करती है, लेकिन लातेहार जिले के नैना गांव की तस्वीर इन दावों की पोल खोलने के लिए काफी है। नेतरहाट से महज 5 से 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित करीब 50 घरों का यह गांव आज भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है। गांव तक चारपहिया वाहन पहुंचने की व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीणों की जिंदगी आज भी पैदल पगडंडियों तक सिमटी हुई है।





सड़क नहीं, इसलिए जिंदगी भी जोखिम में
नैना गांव में सबसे बड़ी परेशानी तब सामने आती है, जब कोई ग्रामीण बीमार पड़ता है। गंभीर मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को टोकरी में बैठाकर या अन्य साधनों से कंधे पर उठाकर दुर्गम रास्ते से मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। इसके बाद कहीं जाकर वाहन मिल पाता है। किसी आपात स्थिति में यही दूरी मरीज की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के अभाव में स्वास्थ्य सुविधा तक पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और गंभीर रूप से बीमार लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है।
प्रखंड से जिला तक गुहार, फिर भी नहीं जागा प्रशासन
ग्रामीणों के मुताबिक सड़क निर्माण को लेकर कई बार प्रखंड कार्यालय से लेकर जिला प्रशासन तक गुहार लगाई गई। जनप्रतिनिधियों के सामने भी समस्या रखी गई। हर बार सड़क बनवाने का भरोसा मिला, लेकिन वर्षों बीतने के बावजूद सड़क निर्माण की दिशा में अपेक्षित पहल नहीं हो सकी।ग्रामीणों का कहना है कि नेता आते हैं, आश्वासन देते हैं और चले जाते हैं, लेकिन सड़क आज तक नहीं बनी। ग्रामीण अब आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क निर्माण का काम धरातल पर देखना चाहते हैं।
बरसात में पगडंडी भी बन जाती है जानलेवा
बरसात के मौसम में नैना गांव की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। कच्चे और दुर्गम रास्तों पर कीचड़ और फिसलन के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में मरीजों को कंधे पर लेकर मुख्य सड़क तक पहुंचाना ग्रामीणों के लिए बेहद कठिन और जोखिम भरा काम बन जाता है।
पर्यटन नगरी के पास गांव, फिर भी विकास से दूर
सबसे बड़ा सवाल यह है कि देश-विदेश में पर्यटन के लिए पहचान रखने वाले नेतरहाट से महज कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित गांव आज भी सड़क से क्यों वंचित है? एक ओर क्षेत्र में पर्यटन विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की बात होती है, वहीं दूसरी ओर नैना गांव के लोग मूलभूत सड़क सुविधा के लिए वर्षों से इंतजार कर रहे हैं।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल स्थल निरीक्षण कर सड़क निर्माण की स्वीकृति और कार्य शुरू कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से सिर्फ आवागमन आसान नहीं होगा, बल्कि गांव में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और अन्य सरकारी सुविधाओं की पहुंच भी मजबूत होगी।
