आधार से लिंक किए जाएंगे वोटर कार्ड

News Aroma Media
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नई दिल्ली: लोकसभा से पारित हुए चुनाव कानून संशोधन विधेयक 2021 को राज्यसभा ने भी ध्वनि मत से पारित कर दिया।

विधेयक के मसौदे में कहा गया है कि मतदाता सूची में दोहराव और फर्जी मतदान रोकने के लिए मतदाता कार्ड और सूची को आधार कार्ड से जोड़ा जाएगा।

नये प्रावधानों के मुताबिक अब आधार और वोटर आईडी लिंक होने से चुनाव कानून संशोधन विधेयक 2021 के मतदाता सूची तैयार करने वाले अधिकारियों को अब आधार कार्ड मांगने का अधिकार होगा।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि आधार लिंकिंग की सुविधा इसलिए दी जा रही है ताकि लोग अलग-अलग स्थानों पर मतदाता न रहें। उनकी बायोमीट्रिक डिटेल मिल जाएगी, जिससे वे एक ही स्थान पर वोटर रह सकेंगे।

इसके अलावा वोटर लिस्ट में फर्जी नामों को शामिल करने जैसे कामों पर भी रोक लग सकेगी। एक दिन पहले ही लोकसभा ने संक्षिप्त चर्चा के बाद निर्वाचन विधि (संशोधन) विधेयक, 2021 को मंजूरी प्रदान की थी।

विपक्ष विधेयक को संसद की स्थायी समिति में भेजने की मांग कर रहा था। इस विधेयक में चुनाव से जुड़े विभिन्न सुधारों को शामिल किया गया है जिन पर लंबे समय से चर्चा होती रही है।

सूत्रों ने कहा कि आधार नंबर नहीं दिए जाने के कारण किसी भी आवेदन को खारिज नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आधार को मतदाता सूची से जोड़ने से चुनावी आंकड़ा प्रबंधन से जुड़ी “बड़ी समस्याओं में से एक” का समाधान होगा।

यह समस्या एक ही मतदाता का विभिन्न स्थानों पर नामांकन होने से संबंधित है।

सूत्रों ने कहा कि ऐसा मतदाताओं द्वारा बार-बार निवास स्थान बदलने और पिछले नामांकन को हटाए बिना नए स्थान पर नाम दर्ज कराने के कारण हो सकता है।

इस प्रकार, जिन मतदाताओं के नाम एक से अधिक स्थानों पर मतदाता सूची में या एक ही मतदाता सूची में एक से अधिक बार हैं, उन्हें हटाया जा सकता है।

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