नोएडा: उत्तर प्रदेश में नोएडा के एक निजी अस्पताल ने हृदय की धमनियों में जमा जटिल और सख्त अवरोधों के उपचार के लिए ‘एक्साइमर लेजर कोरोनरी एंजियोप्लास्टी’ प्रणाली स्थापित की है। एक बयान में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई।

अस्पताल के अनुसार, यह तकनीक विशेष रूप से ऐसे मरीज़ों में उपयोगी हो सकती है जिनकी धमनियां अत्यधिक कैल्शियम जमा होने से सख्त हो गई हैं या उनमें जटिल प्रकार का अवरोध है।
नोएडा स्थित फोर्टिस अस्पताल ने बताया कि इस प्रणाली को ‘लेजर एथेरेक्टॉमी’ भी कहा जाता है और इसमें पराबैंगनी लेजर किरणों की मदद से धमनियों में जमा कठोर वसा (प्लाक) और रक्त के थक्कों को तोड़ा या वाष्पीकृत किया जाता है।
अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के वरिष्ठ निदेशक एवं प्रमुख डॉ. संजीव गेरा ने कहा कि अत्यधिक कैल्सीकृत और जटिल अवरोधकों को हटाना हमेशा से सबसे बड़ी चुनौती रहा है, लेकिन अब इस नई ‘लेज़र कार्डियक’ प्रणाली से सुरक्षित तरीके से उन अवरोधों को भी तोड़ा जा सकता है जिन्हें हटाने में पारंपरिक बैलून भी नाकाम रहते हैं।
अस्पताल के अनुसार, प्रक्रिया में एक पतली नली के जरिए लेजर ऊर्जा अवरोधक तक पहुंचाई जाती है और जरूरत पड़ने पर बाद में गुब्बारे या स्टेंट की मदद से धमनी को चौड़ा किया जाता है।


