पटना: राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश और प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने और परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा केंद्रों के ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी कर ली है। वर्ष 2027 से एनटीए की परीक्षाओं के लिए केवल सरकारी संस्थानों में ही परीक्षा केंद्र विकसित किए जाएंगे। इस योजना के तहत पहले चरण में देश भर में 1,000 मानक परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे, जिस पर एनटीए 300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च करेगा। इसके तहत बिहार में 32 टेस्ट सेंटर बनाए जाएंगे, वहीं झारखंड के 16 जिलों में परीक्षा केंद्र विकसित किए जाएंगे।

झारखंड और बिहार के किन जिलों में क्या स्थिति?बिहार में एनटीए 32 टेस्ट सेंटर बनाएगा। हालांकि, शेखपुरा, शिवहर, अरवल, कुढ़न, छुहिया और मधेपुरा में फिलहाल केंद्र स्थापित करने पर विचार नहीं किया जा रहा है। झारखंड के रामगढ़, गम्हरिया (या गालूडीह), लोहरदगा, पाकुड़, गोड्डा, खूंटी, कोडरमा और सरायकेला में परीक्षा केंद्र स्थापित करने की योजना पर विचार नहीं है। इसके अलावा झारखंड के जामताड़ा, लोहरदगा, पाकुड़, गोड्डा, खूंटी, कोडरमा और सरायकेला में अभी केंद्र स्थापित करने पर विचार नहीं किया जा रहा है। इन जिलों में केंद्र स्थापित करने को लेकर आगे क्या निर्णय होगा, यह संबंधित संस्थानों की उपलब्धता, तकनीकी सुविधाओं और एनटीए की जरूरतों के आकलन पर निर्भर करेगा।
सुविधाओं से लैस होंगे मानक केंद्र
चिन्हित सरकारी संस्थानों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में कंप्यूटर, बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी, निर्बाध बिजली आपूर्ति और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। 2027 से परीक्षा ड्यूटी में लगे कर्मियों को भी इन केंद्रों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।


