

Padma Awards 2026 Announced: केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कारों (Padma Awards) की घोषणा कर दी है।





गृह मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार इस वर्ष कुल 131 पद्म सम्मान दिए जाएंगे। इनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं।
इस सूची में अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को चुना गया है।
सम्मान की संख्या और विविधता
घोषित सूची के अनुसार पुरस्कार पाने वालों में 19 महिलाएं शामिल हैं। साथ ही विदेशी नागरिकों, एनआरआई, भारतीय मूल के व्यक्तियों और प्रवासी भारतीयों की श्रेणी से 6 नाम भी सूची में हैं।
इसके अलावा 16 लोगों को मरणोपरांत पद्म सम्मान देने का निर्णय लिया गया है, जो उनके आजीवन योगदान को सम्मान देने का प्रतीक है।
पद्म भूषण पाने वाले प्रमुख नाम
पद्म भूषण से सम्मानित होने वालों में प्रसिद्ध पार्श्व गायिका अलका याग्निक, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, मशहूर अभिनेता ममूटी और उद्योगपति-बैंकर उदय कोटक जैसे नाम शामिल हैं।
इनके साथ ही विज्ञापन जगत के दिग्गज पीयूष पांडे, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक शिबू सोरेन और भाजपा नेता विवेक मल्होत्रा को भी पद्म भूषण दिया जाएगा।
शिबू सोरेन को मरणोपरांत सम्मान
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और आदिवासी आंदोलन के प्रणेता शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया जाएगा।
यह सम्मान उन्हें लोक कल्याण, सामाजिक न्याय और आदिवासी अधिकारों के लिए किए गए उनके आजीवन संघर्ष के लिए दिया जा रहा है। उनका जीवन शिक्षा, सामाजिक परिवर्तन और नशाखोरी के विरोध से जुड़ा रहा।
शुरुआती जीवन और आंदोलन
शिबू सोरेन का जन्म 11 जनवरी 1944 को रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में हुआ था।
उन्होंने महाजनी प्रथा और सूदखोरी के खिलाफ आवाज उठाई और ऐतिहासिक धन कटनी आंदोलन की शुरुआत की। 1970 से 1975 के बीच उन्होंने रात्रि पाठशालाएं चलाईं और शिक्षा को सामाजिक बदलाव का आधार माना।
राजनीति में अहम भूमिका
वे JMM के संस्थापक नेताओं में रहे और अलग झारखंड राज्य के गठन की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाई। तीन बार मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने दशकों तक आदिवासी अधिकारों की राजनीति को दिशा दी।
सम्मान से बढ़ा गर्व
पद्म पुरस्कार 2026 की यह सूची उन लोगों के योगदान को पहचान देती है, जिन्होंने समाज, संस्कृति, राजनीति और अर्थव्यवस्था में देश के लिए उल्लेखनीय काम किया है। यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।
