निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने थाने में दर्ज कांडों से जुड़े दस्तावेज, गिरफ्तारी और जब्ती के रिकॉर्ड, दैनिक गतिविधियों के रजिस्टर और लंबित मामलों के अनुसंधान की स्थिति की जांच की। इस दौरान कई जरूरी रिकॉर्ड अपडेट नहीं पाए गए। इस पर उन्होंने पुलिस अधिकारियों को फटकार लगाते हुए सभी दस्तावेजों को व्यवस्थित और अद्यतन रखने का निर्देश दिया।

एक सप्ताह में सुधार का निर्देश
डीआईजी किशोर कौशल ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर सभी अभिलेखों और रजिस्टरों को अपडेट किया जाए। उन्होंने कानून-व्यवस्था मजबूत बनाए रखने, आम लोगों की शिकायतों का त्वरित निपटारा करने और पुलिसिंग में जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
सूत्रों के मुताबिक, तय समयसीमा में सुधार नहीं होने पर संबंधित पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। अब देखना होगा कि डीआईजी के अल्टीमेटम के बाद सतबरवा थाना की कार्यप्रणाली में कितना सुधार होता है।


