पारा शिक्षकों के मुद्दों पर शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो और अधिकारियों के साथ हुई बैठक, लिया गया ये फैसला

News Aroma Media
5 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

रांची: झारखंड के 65 हजार पारा शिक्षकों की मांगों और समस्याओं के मुद्दों पर सरकार ने  बिहार मॉडल अपनाने को तैयार हो गई है। जी हां शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो और अधिकारियों के साथ हुई बैठक में सहमति बन गई है।

साथ ही मंत्री जगन्नाथ महतो ने ये भी कहा है कि पारा शिक्षकों के लिए पैसे की कोई कमी नहीं होगी। अब से थोड़ी देर बाद मंत्री पारा शिक्षकों के साथ बैठक भी करने वाले हैं।

बैठक में सभी मुद्दों पर पारा शिक्षकों के साथ सहमती बन जाती है तो उम्मीद की जा रही है की आज ही शिक्षा मंत्री इसका ऐलान भी कर सकते हैं। बता दें कि मंत्री ने कहा है कि पारा शिक्षकों के मामले को लेकर सरकार गंभीर है।

पारा शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि के साथ-साथ उनके स्थायीकरण और वेतनमान के बिंदुओं पर झारखंड सरकार को अंतिम निर्णय लेना है। इन सभी मामले को लेकर आज अंतिम मुहर लग सकती है।

इसके लिए शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की अध्यक्षता में बैठक होने वाली है। पत्र भी जारी कर दिया गया है।

राज्य के शिक्षकों के विभिन्न मामलों के संदर्भ में दिनांक 18-08-21 को पूर्वाहन अपराहन 4.30 बजे एक बैठक माननीय मंत्री, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखण्ड के आवास कार्यालय में आयोजित की गई है।

इसके लिए शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की अध्यक्षता में बैठक होने वाली है। पत्र भी जारी कर दिया गया है।

उक्त बैठक में एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के 5 (पांच) प्रतिनिधि एवं झारखण्ड राज्य प्रशिक्षित पारा शिक्षक संघ राज्य इकाई.. राँची के 3 (तीन) प्रतिनिधि को भाग लेने की स्वीकृति दी गई है। वैश्विक महामारी को देखते हुए सामाजिक सुरक्षा के तहत् बैठक में वैसे प्रतिनिधि ही भाग ले सकेंगे जिनका Covid-19 Vaccine के दोनों Dose पूर्ण है।

तदनुसार निदेशित किया जाता है कि उक्त बैठक में ससमय दोनों समितियों के Covid-19 Vaccine के दोनों Dose पूर्ण करने वाले (साक्ष्य सहित) प्रतिनिधि भाग लेना सुनिश्चित करेंगे।

बता दें कि झारखंड सरकार राज्य के 65 हजार पारा शिक्षकों को स्थायी करने पर विचार कर रही है। उन्हें बिहार की तर्ज पर 5200-20200 का वेतनमान दिया जा सकता है। इसके लिए आकलन परीक्षा ली जायेगी और शिक्षकों को 60 वर्ष तक के लिए स्थायी किया जायेगा।

पारा शिक्षकों के मुद्दों पर अंतिम फैसला लेने के लिए बुलाई गई बैठक

यह मांग पारा शिक्षकों ने की थी, जिस पर विचार किया गया है। बिहार की तर्ज पर झारखंड में भी पारा शिक्षकों के स्थायीकरण और वेतनमान के लिए सीमित आकलन परीक्षा ली जायेगी।

पारा शिक्षकों के मानदेय में भी बढ़ोतरी पर भी विचार हो रहा है। इसकी प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है। 12 अगस्त को इस पर अंतिम निर्णय लिया जाना था, लेकिन किसी कारणवश बैठक नहीं हो पायी।

शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो और विभिन्न पारा शिक्षक संगठनों के बीच शनिवार को पांच घंटे तक हुई वार्ता में इन मुद्दों पर सहमति बनी थी। शिक्षक दिवस पांच सितंबर के दिन इसकी घोषणा की संभावना है।

18 अगस्त को नियमावली पर अंतिम फैसले की संभावना

शिक्षा मंत्री ने इससे पहले हुई बैठक में शामिल विभागीय पदाधिकारियों को इसकी प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया था और 11 अगस्त तक नियमावली का ड्राफ्ट फाइनल करने को कहा था।

18 अगस्त को शिक्षा मंत्री फिर पारा शिक्षकों के साथ बैठक करेंगे, जिसमें नियमावली पर अंतिम निर्णय होने की संभावना है। पारा शिक्षक ने कहा है कि अब पारा शिक्षकों का ध्यान 18 अगस्त को होनेवाले फैसले पर है।

पारा शिक्षकों के साथ हुई वार्ता 

शिक्षा मंत्री की पारा शिक्षकों के साथ दो दौर की वार्ता हुई थी। बैठक में शिक्षा मंत्री ने पारा शिक्षकों के प्रतिनिधियों से पूछा था कि वह किस राज्य के आधार पर स्थायीकरण और वेतनमान चाहते हैं।

पारा शिक्षकों को बैठक से बाहर जाकर विचार-विमर्श कर यह तय करने को कहा।

इसके बाद पारा शिक्षकों के विभिन्न संगठनों ने आपसी सहमति से तय किया कि बिहार की तर्ज पर राज्य के पारा शिक्षकों का स्थायीकरण किया जाये।

Share This Article