बिहार में कोरोना काल में नहीं दिखी चूड़ा दही भोज की सियासत

पटना: बिहार में कोरोना संक्रमण की मार सियासत पर भी देखने को मिल रही है।

मकर संक्रांति के मौके पर प्रत्येक साल राजधानी में चूड़ा दही भोज को लेकर जमकर सियासत होती थी, लेकिन कोरोना संकट के कारण इस बार दिग्गज नेताओं के घर पर चूड़ा-दही के भोज का आयोजन नहीं होने के कारण चर्चित सियासी माहौल बदला बदला सा नजर आ रहा है।

मकर संक्रांति के दिन दही-चूड़ा भोज के लिए चर्चित जनता (युनाइटेड) के वरिष्ठ नेता वशिष्ठ नारायण सिंह के आवास पर इस साल मकर संक्रांति पर चहल पहल नहीं दिख रही है।

इस साल कोरोना प्रभाव के कारण यहां चूड़ा दही भोज का आयोजन स्थगित कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि सिंह वर्षों से मकर संक्रांति के मौके पर चूड़ा दही भोज का आयोजन करते रहे है, जिसमे राज्य के दिग्गज नेताओं के अलावे आम कार्यकर्ता तक जुटते थे।

कोरोना के प्रभाव को देखते हुए इस साल पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी आवास में भी मकर संक्रांति पर भोज का आयोजन नहीं किया गया।

राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव की हाल में ही शादी हुई है और लालू की छोटी बहू राजश्री यादव की परिवार के बीच यह पहली मकर संक्रांति है।

ऐसे में लोगों को इस बात का इंतजार था कि लालू की नई बहू के घर आने पर बड़ा आयोजन करेंगे। लेकिन, कोरोना के कारण यह संभव नहीं हुआ।

लालू प्रसाद का पूरा परिवार दिल्ली में मकर संक्रांति मना रहा है। लालू प्रसाद ने आम लोगों को मकर संक्रांति के मौके पर शुभकामना संदेश दिया है कि लोग अपने-अपने घर पर ही मकर संक्रांति का त्यौहार आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ मनाएं।

उल्लेखनीय है कि बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति के दौरान चूड़ा दही का भोज देने की परंपरा सालों पुरानी है। इस भोज पर सियासत के जानकारों की भी नजर रहती थी। इस भोज के जरिए बिहार के राजनीतिक समीकरण भी बदलते देखे गए हैं।

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