

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मंगलवार को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए जकार्ता पहुंचने पर भव्य औपचारिक स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री मोदी तीन देशों की अपनी यात्रा के पहले चरण में सोमवार को इंडोनेशिया पहुंचे। इस यात्रा का उद्देश्य भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’, ‘महासागर विजन’ तथा स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को और मजबूत करना है।





प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ”इस्ताना मर्देका में गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आपका धन्यवाद!” प्रधानमंत्री ने जकार्ता स्थित राष्ट्रपति भवन में सुबियांतो से मुलाकात की।इस दौरान उन्होंने अतिथि पुस्तिका पर भी हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत और इंडोनेशिया के बीच लगातार मजबूत हो रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों और रणनीतिक साझेदारी को नयी गति देने वाली मानी जा रही है। नयी दिल्ली से रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत और इंडोनेशिया के बीच संबंधों के व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचने के बाद यह उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की जनवरी 2025 में गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में भारत की राजकीय यात्रा के बाद हो रही है।
मोदी ने कहा कि इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की उनकी यात्रा भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति, ‘महासागर’ दृष्टिकोण और साथ ही ”मुक्त एवं खुले हिंद-प्रशांत के प्रति हमारे नजरिये” को और मजबूत करेगी। ‘महासागर’ अर्थात ‘सभी क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए पारस्परिक एवं समग्र विकास’, भारत की एक रणनीतिक एवं कूटनीतिक पहल है, जिसका उद्देश्य सभी क्षेत्रों की सुरक्षा, स्थिरता, सहयोग और साझा विकास को बढ़ावा देना है।
