छात्रों को नशे की बुराई के प्रति जागरूक करें शिक्षक : मोदी

शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर पीएम मोदी ने शिक्षकों से छात्रों को नशे से दूर रखने, स्क्रीन टाइम घटाने और रचनात्मक गतिविधियों के लिए प्रेरित करने की अपील की।

2 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिक्षकों से छात्रों को नशे की बुराई के प्रति जागरूक करने और उनके ‘स्क्रीन टाइम’ को कम करने में मदद करने की अपील की है। मोदी ने शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों से बातचीत के दौरान कहा कि समाज के सभी लोगों को छात्रों को रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षकों को छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन से आगे बढ़कर उनके व्यवहार और रोजमर्रा के जीवन पर भी ध्यान देना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि संयुक्त परिवारों की संख्या में कमी आने के कारण बच्चों के जीवन में शिक्षकों की भूमिका अब और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। मोदी ने नशे की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ बड़े शहरों और विश्वविद्यालयों में यह पता लगाना मुश्किल होता है कि कोई इसकी चपेट में आ गया है या नहीं, क्योंकि यह पता ही नहीं चलता कि कौन किसे क्या दे रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसी परिस्थितियों में शिक्षकों को जागरूकता फैलाने की पहल करनी चाहिए और यदि किसी बच्चे के व्यवहार में कोई बदलाव दिखाई दे तो उस पर भी बारीकी से नजर रखनी चाहिए।’’ मोदी ने कहा, ‘‘आपको किसी छात्र के बचपन को खत्म नहीं होने देना चाहिए। छात्रों के जीवन में बचपन को जीवंत बनाए रखने में शिक्षक सबसे बड़ा योगदान दे सकते हैं।’’ इस बातचीत का वीडियो शनिवार को जारी किया गया।

Share This Article
विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।